जनवरी की समाप्ति और फरवरी के शुरुआत में तेजी से बढ़ा ठंड, तापमान रात में न्यूनतम 7 से 10 डिग्री तक पहुंचा, सुबह से कोहरा
बालोद – जनवरी विदा हो रही है और फरवरी का स्वागत हो रहा है। मकर संक्रांति के बाद लोगों को लगा था कि ठंड कम होगी। लेकिन यहां हाल उलट हो रहा है। बालोद जिले का तापमान अभी न्यूनतम 7 से 10 डिग्री पर बना हुआ है। दिन का तापमान 25 डिग्री बता रहा है। गूगल पर उपलब्ध रिकार्ड के अनुसार अभी 1 हफ्ते तक न्यूनतम तापमान 7 डिग्री तक कम हो सकता है। सोमवार से ठंड फिर बढ़ने की संभावना है। तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। अधिकतम तापमान 25 से 32 डिग्री तक बना रहेगा। मौसम विभाग की चेतावनी की माने तो मौसम विज्ञानी एचपी चंद्राकर के अनुसार छत्तीसगढ़ में जशपुर इलाके में शीत लहर चल रही है। जिसका असर अन्य जिले व ब्लॉक व गांव में भी बना हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उत्तर से ठंडी और शुष्क हवा होने के कारण प्रदेश के मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में तीन से चार डिग्री न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज किया गया है। आने वाले 24 घंटे में प्रदेश में न्यूनतम तापमान में और गिरावट होने की संभावना है। प्रदेश के उत्तरी भाग में हल्का कोहरा छाने की संभावना है तथा इसी क्षेत्र में एक दो पैकेट में शीतलहर चलने की संभावना है। प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना भी है। ऐसे में ठंड अपने चरम पर रहेगा. मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक सुबह से इलाके में भी मौसम बदला हुआ है।

आज सुबह से इलाके में घना कोहरा छाया रहा। तांदुला नदी में रेत के ऊपर मानो कोहरे की चादर बिछी हुई थी। सुबह कोहरे के कारण ओवरब्रिज में भी रास्ता ठीक से दिखाई नहीं दे रहा था। सुंदरा देवीनवागांव के बीच तांदुला नदी में बनी ओवरब्रिज भी कोहरे में छिपा हुआ था। जो धीरे-धीरे सूर्योदय के बाद दिखाई देने लगा। ठंड का एहसास ज्यादा हुआ। ठंड लोगों को ठिठुराने लगी। इलाके के लोगों की माने तो माघी पूर्णिमा तक ठंड का मौसम बना रहता है। छेरछेरा पुन्नी यानी छेरछेरा पर्व के बाद से ठंड में इजाफा देखने को मिलता है। फरवरी तक इसी तरह ठंड बढ़ने की संभावना बनी हुई है। बढ़ती ठंड से लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित होने लगी है तो वहीं स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडराने लगा है। ऐसे में डॉक्टरों ने भी लोगों को ठंड से बचने की सलाह दी है।
