DAILY BALOD NEWS

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“दबा बल्लू” डायलॉग पर उठ रही है ग्रामसभा तक में प्रतिबंध की मांग, पंचायतों सहित गांव में हो रहा है इसका विरोध तो मड़ई मेला में भी छीटाकसी का जरिया बन रहा यह डायलॉग


 जगन्नाथपुर/बालोद। इन दिनों छत्तीसगढ़ी गाना “दबा बल्लू” चर्चा में है। पर इस गाने के कारण कई जगह फूहड़ता भी बढ़ रही है व अश्लीलता को बढ़ावा भी मिल रहा है। एक तरफ से दबा बल्लू गाना व डायलॉग छींटाकशी और छेड़खानी का जरिया भी बनता जा रहा है। इससे कई मर्तबा राह चलती महिलाओं और लड़कियों को लड़कों द्वारा इस शब्द के जरिए आवाज देकर परेशान भी किया जा रहा है। ऐसी  शिकायतें ग्रामीण क्षेत्रों में सामने आ रही है। हालांकि अब तक कोई मामला थाने तक नही पहुंचा है पर खासतौर से मडई मेला में यह शिकायत मिल रही है। जिसके बाद अब पंचायतों में इस डायलॉग को बोलने पर प्रतिबंध की तैयारी भी चल रही है। बीते दिनों सोशल मीडिया में रायपुर जिले के धरसीवा क्षेत्र के एक पंचायत का प्रस्ताव भी सामने आया था। जिसमें दबा बल्लू शब्द  बोलने वालों पर 5551 रुपए  तक दंड भी लगाया गया था। इस प्रस्ताव के सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद अन्य पंचायत व ग्रामीण भी अब इसके विरोध में आगे आ रहे हैं।

क्या बोल रहे सरपंच

मैंने करवाई मुनादी
भीमकन्हार ग्राम पंचायत के सरपंच पोषण लाल साहू ने बताया कि उन्होंने तो गांव में इसके लिए मुनादी भी करवाई है कि सार्वजनिक जगह में इस शब्द का उच्चारण नहीं करना है। कोई भी आयोजन हो वहां पर इसे नहीं बोलना है। अन्यथा पंचायत द्वारा उचित कार्रवाई की जाएगी।

ग्राम सभा में रखी बात


भोथली ग्राम पंचायत के सरपंच केशव गंधर्व ने कहा कि उनके यहां शुक्रवार को ग्राम सभा हुई। इसमें भी उन्होंने इस बात को रखा कि इस डायलॉग से अश्लीलता को बढ़ावा मिल रहा इसलिए इस पर प्रतिबंध भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि ब्लॉक के अन्य सरपंच साथियों से भी इस संबंध में चर्चा कर इस पर नियंत्रण के लिए रास्ता निकाला जाएगा।

करेंगे बैठक में विचार

जगन्नाथपुर के सरपंच व ब्लॉक सरपंच संघ के अध्यक्ष अरुण साहू ने कहा कि कुछ हद तक इस डायलॉग से फूहड़ता व अश्लीलता को बढ़ावा मिल रहा है। जो कि हमारी संस्कृति  के लिए घातक भी हो सकता है। इसे खासतौर के भीड़-भाड़ इलाके में महिलाओं व लड़कियों से छेड़खानी का जरिया भी ये डायलॉग बन सकता है। इसलिए इस पर विराम भी जरूरी है। 2 फरवरी को सरपंच संघ की बैठक है जिसमें इस पर चर्चा होगी।

अर्थ का अनर्थ कर रहे शरारती तत्व
दरअसल जो गाना बना है उसके अर्थ को बदलकर उसे दुष्प्रचार किया जा रहा है।  गाने में जो भाव छिपा है वह अपनी जगह सही है। लेकिन उस डायलॉग को दूसरे अर्थ से लेकर खासतौर से शरारती तत्व के युवा इसका दुरुपयोग कर रहे हैं और इसे लड़कियों व महिलाओं पर  आजमा रहे हैं। जिससे कई मर्तबा वाद विवाद की स्थिति पैदा हो रही है।

 जब व्हाट्सएप ग्रुप में किसी ने डाल दिया इसी गाने पर अश्लील वीडियो

 भोथली के सरपंच केशव राम गंधर्व ने बताया कि उनके गांव के लोगों द्वारा एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। जिसमें इस गाने को जोड़कर एक अश्लील वीडियो को भी एक युवक ने पोस्ट कर दिया था। जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। सरपंच ने कहा कि जिस तेजी से इस डायलॉग को गलत अर्थ लेते हुए लोग उच्चारण व वायरल कर रहे हैं, इसे बढ़ावा दे रहे हैं इससे समाज में गलत संदेश भी जा रहा है। ऐसे में इस पर नियंत्रण बहुत ही जरूरी है। सरपंच साथियों से मिलकर हम आगामी बैठक में इस पर चर्चा जरूर करेंगे । ग्राम स्तर पर भी इस पर कुछ नियम बनाने का प्रयास करेंगे। ताकि इस डायलॉग पर किसी को शर्मिंदगी का सामना ना करना पड़े, कोई छेड़खानी या छीटाकसी का शिकार इस डायलॉग के कारण ना हो।

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