DAILY BALOD NEWS

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गणतंत्र दिवस विशेष- फौजी भाइयों ने मिलकर बनाई है इस गांव में शहीद की प्रतिमा, 31 जनवरी को गृह मंत्री करेंगे लोकार्पण, तैयारी शुरू

बालोद। ग्राम नर्रा (बालोद ब्लॉक) में नक्सली हमले में शहीद हुए छगन कुलदीप की प्रतिमा का अनावरण 31 जनवरी रविवार को सुबह 11 बजे से होगा। जिसमें ग्रामीण व सरकारी कर्मचारी प्रकोष्ठ नर्रा के द्वारा मुख्य अतिथि के तौर पर लोकार्पण के लिए गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को आमंत्रित किया गया है। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता खाद्य मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रुप में महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री अनिला भेड़िया होंगे। विशेष अतिथि संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद व बालोद विधायक संगीता सिन्हा होंगे। सरकारी कर्मचारी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष बेनु राम साहू ने बताया कि इस गांव में कई फौजी साथी अलग-अलग क्षेत्र में सेवारत हैं। कोई सीआरपीएफ में है कोई आर्मी में कोई सीएएफ, आईटी बीपी, बीएसएफ, एस एसबी, असम राइफल, सीजी पुलिस, रेलवे में है तो कई शिक्षक व अन्य शासकीय सेवा में हैं। सभी गांव के शासकीय सेवारत लोगों ने व फौजी भाइयों ने मिलकर एक सरकारी कर्मचारी प्रकोष्ठ का गठन किया है। सभी भाइयों ने मिलकर  छगन कुलदीप की शहादत को सहेजने के लिए यह कदम उठाया था और पिछले साल से ही उनकी प्रतिमा यहां बनाई गई है।

विधायक भीमा मंडावी के साथ ही हुए थे शहीद

बालोद क्षेत्र के ग्राम नर्रा का रहने वाले जवान छगन कुलदीप पिछले वर्ष नौ अप्रैल को नक्सली हमले में दंतेवाड़ा जिले के नकुलनार मार्ग पर श्यामगिरी गांव के पास शहीद हो गए थे। इसमें विधायक भीमा मंडावी के साथ-साथ अन्य चार जवान भी शहीद हुए थे। उस समय शासन-प्रशासन ने तो बकायदा शहीदों को श्रद्धांजलि दी लेकिन उनके याद में आज तक सरकार ने एक प्रतिमा तक नहीं बनाई थी। शहीद छगन कुलदीप का परिवार, उनके पिता हीरालाल कुलदीप सरकार की उपेक्षा के शिकार हो दर-दर अपने शहीद बेटे की याद को संजोने प्रतिमा बनवाने भटकते रहे। इस बात की जानकारी मिलने के बाद उस गांव के फौजी बेटों व नौकरी पेशा लोगों ने यह ठान लिया की सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो क्या हुआ, शहीद की शहादत को हम संजोकर रखेंगे। 60 लोगों ने मिलकर प्रतिमा बनवानी शुरू कर दी। देखते-देखते शहीद की प्रतिमा तैयार हो गई जिसका अनावरण अब 31 जनवरी को है।

40 फौजी बेटे हैं इस गांव में

ज्ञात हो कि इस गांव में देशप्रेमियों की कमी नहीं है। शहीद कुलदीप की तरह यहां 40 फौजी बेटे भी हैं। जो देश के अलग-अलग इलाकों में तैनात हैं और छगन कुलदीप को अपना आदर्श मानते हैं। उनकी शहादत ने कई फौजी बेटों का हौसला बढ़ाया तो जब प्रशासन की उपेक्षा का पता चला तो उन फौजियों ने भी स्वेच्छा से हाथ बढ़ा कर उनकी प्रतिमा बनाकर उनकी शहादत को यादगार रखने का संकल्प लिया था ।

रेलवे विभाग के कर्मचारी बेनुराम ने की पहल

खास बात यह है कि इस गांव का एक व्यक्ति बेनू राम साहू रेलवे भिलाई में कर्मचारी है। जिन्होंने समाज सेवा की दिशा में एक पहल करते हुए इस बात की नींव रखी कि क्यों ना सरकार अगर ध्यान नहीं देती है तो हम अपने खर्चे से अपने शहीद साथी की शहादत को सहेजने प्रतिमा बनाएं। उनकी बात को सभी फौजी साथियों व अन्य अधिकारी व कर्मचारियों ने स्वीकार किया और जुट गये आज भी बेनु के पहल से ग्रामीण एकजुटता के बंधन में बंधे हैं। बेनु राम साहू ने बताया कि बालोद जिले में फौजियों की संख्या में हमारा गांव नर्रा दूसरे नंबर पर है। पहले नंबर पर नेवारी खुर्द गांव है। हमने गांव में मिलकर सरकारी कर्मचारी प्रकोष्ठ बनाया है। जिसके तहत ही सर्वसम्मति से गांव के प्रथम शहीद की शहादत को सम्मान देने के लिए प्रतिमा स्थापित करने का बीड़ा उठाया गया। अब लोकार्पण गृह मंत्री के हांथो होगा।

प्रसिद्घ मूर्तिकार अंकुश ने बनाई है आठ फीट की मूर्ति

शहीद छगन कुलदीप की मूर्ति को छत्तीसगढ़ के अलावा पूरे देश भर में प्रशिद्ध राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मूर्तिकार अंकुश देवांगन भिलाई ने तैयार किया है। आठ फीट की मूर्ति का निर्माण किया गया है।

बालोद विधायक ने तीन लाख दिए थे अपनी निधि से


ग्राम नर्रा के इन फौजी भाइयों की पहल से प्रभावित होकर विधायक संगीता सिन्हा ने प्रतिमा स्थल परिसर में गार्डनिंग के लिए अपनी निधि से तीन लाख रुपये भी दिए थे। जिसके तहत गार्डन सौंदर्यीकरण का काम भी पूरा हो गया है। गार्डन में बच्चों का भी विशेष ध्यान रखा गया है. इनके मनोरंजन के लिए गार्डन में फिसलपट्टी, झूला लगाया गया है. उक्त कार्य का लोकार्पण भी गृह मंत्री के हाथों होना है।

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