ब्रेकिंग न्यूज़- केंद्रीय विद्यालय को लेकर खींचतान जारी, अब नगर कांग्रेस कमेटी ने की इसे बालोद में खोलने की मांग



बालोद। जिले में केंद्रीय विद्यालय को खोलने को लेकर खींचतान का सिलसिला चल रहा है। पहले जहां इसे दल्ली राजहरा में खोलने की मांग को लेकर वहां के लोगों द्वारा प्रदर्शन, ज्ञापन किया जा चुका है तो वहीं सांसद पर भी दबाव बनाया जा रहा है कि दल्ली में यह विद्यालय खुले तो वहीं पिछले दिनों संसदीय सचिव व गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद व ग्राम सरपंच पैरी रूपम देशमुख द्वारा भी यह मांग रखी गई कि इसे पैरी, गुंडरदेही ब्लॉक में खोला जाए। वहां पंचायत द्वारा 10 से 12 एकड इसके लिए जमीन भी प्रशासन को उपलब्ध कराया गया है।

इस बीच अब इस केंद्रीय विद्यालय को बालोद में खोलने को लेकर नगर कांग्रेस कमेटी सामने आ गई है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष व नगरपालिका उपाध्यक्ष अनिल यादव के नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी सहित अन्य नेताओं ने कलेक्टर को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि बालोद जिला तीनों विधानसभा क्षेत्र से बना हुआ है। जहां सभी विधानसभा क्षेत्र की जनता का हमेशा जिला मुख्यालय में आना जाना लगा रहता है। इसी दृष्टि से केंद्रीय विद्यालय जिला मुख्यालय बालोद में ही रहना चाहिए। बालोद में दुर्ग, धमतरी राजनांदगांव क्षेत्र से लोगों को आवागमन में सुविधा होगी। बालोद संपूर्ण जिला का केंद्र बिंदु है। रेलवे व बसों से भी आवागमन के लिए यहां पर्याप्त सुविधा है इस स्थिति में केंद्रीय विद्यालय जिला मुख्यालय में रहना नितांत आवश्यक है। बालोद नगर कांग्रेस व आम जनता यही चाहती है कि केंद्रीय विद्यालय बालोद में ही खुले। अगर ऐसा नहीं होता है तो जनाक्रोश बढ़ जाएगा। कांग्रेसियों ने कलेक्टर से मांग की है इस पर गंभीरता से निर्णय लिया जाए। ज्ञापन सौंपने के लिए प्रमुख रूप से नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अनिल यादव, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी, बंटी शर्मा, विधायक प्रतिनिधि कमलेश श्रीवास्तव, दाऊद खान, पार्षद सतीश यादव, दानेश्वर साहू, गिरीश यादव, बबलू खान, धर्मेंद्र रामटेके , देवेन्द्र साहू सहित अन्य पहुंचे हुए थे।

इधर सांसद का यह कहना

वहीं इस मामले में सांसद मोहन मंडावी का कहना है कि योजना लाना मेरा काम है। उन योजनाओं का क्रियान्वयन कहां और कैसे करना है यह स्थानीय जिला प्रशासन का काम है। केंद्रीय विद्यालय जहां भी खुले मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मुझे बीच में ना फसाया जाए तो अच्छा है। बीच में दल्ली वाले मेरा पुतला दहन कर रहे थे कि केंद्रीय विद्यालय को यहां दल्ली में नहीं खोला जा रहा है। मेरा इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है। मैंने योजना ला दी है। प्रशासन जहां मर्जी वहां खोलें, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। कुछ दिन पहले पैरी में इसे खोलने की घोषणा करने को लेकर मुझ पर दबाव बनाया जा रहा था। लेकिन इसलिए मैंने वहां कोई घोषणा नहीं की। मैंने स्पष्ट कहा कि स्थानीय प्रशासन तय करें कि कहां खोलना उचित है। मुझे कोई आपत्ति नहीं है।

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