बालोद । बच्चों को शिक्षा देने के साथ – साथ शिक्षिका ने बनगांव के महिलाओं के साथ मिलकर बुजुर्ग माताओं कि स्वस्थ कि जानकारी लेने उनके घर पहुंची | साथ ही बुजुर्ग माताओं को खाने का सूखा सामान और फल दिया गया | वहीं बुजुर्ग माता शांति बाई उम्र 85 वर्ष बताया गया | शांति बाई जिन्हे दिखाई के साथ – साथ कम सुनाई देता है | उनको घर वालों ने बताया कि मैडम आई है, तो भावुक हो गईं और कहने लगी “मोना बेटी आ गेस दाई” और शिक्षिका को पकड़ कर रोने लगी और वही बुजुर्ग माता सुखबती फरदिया उम्र 80 वर्ष जिन्हे पहले दिखाई देता था, पर अब नहीं |

जिस कारण परेशान होकर बेटा – बहु पर बोझ न बनूँ, करके एक रोज घर मे कोई नहीं था, तब अपनी साड़ी को गले मे बांधकर आत्महत्या करने कि कोशिश कि थी, लेकिन दुबारा ऐसा न करें इसके लिए शिक्षिका और महिलाओं के द्वारा समझाया गया | अमरबती मंडावी उम्र 73 वर्ष जो कि ज्यादा चलने फिरने में असमर्थ है, जो कि अपनी बेटी के साथ अपना जीवनयापन कर रही है | शिक्षिका ने बताया कि बुजुर्ग माताओं कि आप बीती सुनकर मन बहुत भावुक हो उठा और बुजुर्ग माता के साथ कुछ समय बिताकर अच्छा लगा |

