बालोद। जिले में लोक निर्माण विभाग व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अलग-अलग मार्गों के लिए अप्रैल से ही सड़क निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हो चुके हैं। लेकिन उन मार्गों का निर्माण अब तक शुरू नही हो पाया है। जिसके चलते ग्रामीणों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। बालोद, डौंडी ब्लॉक, डौंडी लोहारा ब्लाक में कुल 222. 88 किलोमीटर सड़क डामरीकरण का चौड़ीकरण होना है ।जिनके लिए 1 अरब 41 करोड़, 29 लाख 64 हजार रुपये स्वीकृत पहले ही हो गया है। पीएमजीएसवाई व पीडब्ल्यूडी के तहत सड़कों का निर्माण होना है ।लेकिन अब तक कई जगह काम शुरू नहीं हो पाया है। कई जगह वर्कर ऑर्डर भी हो चुके हैं लेकिन संबंधित ठेकेदार की मनमानी के चलते काम शुरू हुई नहीं हुए हैं। ऐसा ही एक मामला पर्रेगुड़ा मार्ग का है। जिसकी घोषणा स्वयं पीडब्ल्यूडी के मंत्री ताम्रध्वज साहू ने की थी। जब भोला दशहरा के दौरान यहां मुख्य अतिथि के रुप में पहुंचे हुए थे।
करहीभदर से पर्रेगुड़ा उक्त सड़क का निर्माण निर्माण होना है। इस संबंध में विधायक संगीता सिन्हा ने ही आसपास की सभी बदहाल सड़कों को लेकर पूर्व में प्रस्ताव दिया गया था। जिस पर मंत्री ने स्वीकृति दी। राशि भी आ गई। टेंडर भी हो गया। वर्क आर्डर भी हो गया लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है। जिससे ग्रामीणों में जमकर नाराजगी पनप रही है। वही सांसद प्रतिनिधि व पूर्व जनपद अध्यक्ष दयानन्द साहू ने कहा कि राशि स्वीकृति, वर्क आर्डर के बाद भी काम शुरू नहीं किया जाना समझ के परे है। जबकि इस रास्ते पर चलना बहुत ही मुश्किल हो गया है। गिट्टी तक उखड़ती जा रही है। डामर तो यहां भी बिछा ही नहीं है। ऐसे में मंत्री द्वारा स्वीकृत सड़क को समय पर बनाने को लेकर विभाग कितनी गंभीर है यह दिखाई दे रहा है। निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हुआ है। वर्क आर्डर के बाद संबंधित ठेकेदार द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसके चलते सड़क खराब होने आए दिन हादसे हो रहे हैं।
अधिकारी कह रहे हैं अभी कुछ जानकारी नहीं
वही जब हमने इस मामले पर अलग-अलग विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली तो वह इस मार्ग के काम शुरू करने को लेकर अनभिज्ञता जाहिर करते नजर आए। बालोद के पीडब्ल्यूडी के एसडीओ बीके गोटी ने कहा कि यह रोड मेरे इलाके में नहीं आता है। गुरूर में आता होगा। वहीं प्रधानमंत्री सड़क योजना के ईई सुनील नामदेव ने कहा कि मीडिया के जरिए ही पूर्व में स्वीकृति से संबंधित खबर मिली थी। लेकिन आगे क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। उक्त सड़क के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। वही गुरुर पीडब्ल्यूडी एसडीओ अजय नाथ से हमने इस संबंध में जानकारी लेने के लिए फोन किया लेकिन वे फोन रिसीव नहीं कर रहे।
