देवरी क में सर्वधर्म सर्व समाज ने मिलकर किया अनूठा धार्मिक आयोजन, राम जानकी यज्ञ के साथ राम कथा के जरिए जुड़े लोग, रामायण को कथावाचक ने बताया तीन कुर्सियों की लड़ाई, पढ़िए कैसे?



बालोद/ गुंडरदेही। ग्राम देवरी क में 6 से 10 जनवरी तक आयोजित श्री राम जानकी यज्ञ एवं श्री राम कथा का समापन बीती रात को हुआ। रोज सुबह 8:30 बजे से प्राणी मात्र के कल्याण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी जाति धर्म के लोगों द्वारा सामूहिक यज्ञ आहुति इस आयोजन के दौरान दी गई। कथावाचक ओम प्रकाश ठाकुर झलियापुर द्वारा रावण के सात कानून जो भारतीय संस्कृति को बर्बाद करने के लिए बनाई गई थी, उनका तोड़ हनुमान जी ने कैसे निकाला इसकी संगीतमय व्याख्या द्वारा बताई गई। भरत चरित्र ,उर्मिला चरित्र, केवट प्रसंग एवं विभिन्न संस्कारों को मार्मिक ढंग से बताया गया। श्री राम के चरित्र को जीवन में अपनाकर जीवन जीने की कला उन्होंने बताई। प्रतिदिन भारत माता की आरती ने लोगों में राष्ट्रीयता की भावना का विकास किया गया। इस कथा के दौरान प्रमुख रूप से कथा वाचक ओम प्रकाश ठाकुर ने राम के नाम की महिमा का बखान किया। उन्होंने रोचक कथा प्रसंगों के माध्यम से यह बतलाने का प्रयास किया कि राम के नाम का आखिर कितना महत्व है।

उन्होंने रामायण को पूरी तरह से कुर्सी का खेल बताया। रामायण में तीन कुर्सियां हैं। जिनको लेकर यह पूरी रामायण में लड़ाई हो गई। पहली कुर्सी होती है अयोध्या की, दूसरी कुर्सी होती है पंपापुर की। और तीसरी कुर्सी होती है लंका की। अयोध्या की कुर्सी के बारे में उन्होंने बताया कि दशरथ जी बूढ़े हो चले थे ऐसे में अयोध्या का अगला राजा कौन होगा, इसको लेकर योजना बन रही थी। राजगुरु इसकी चिंता कर रहे थे।पर राजा को चिंता नहीं थी और इसी मंत्रणा के  लिए 3 गुरु व केकई और मंथरा सभी के बीच एक गोपनीय बैठक हुई और रणनीति तैयार की गई कि कैसे हम अयोध्या के राज बागडोर को किसके हाथों सौपेंगे और इसी योजनाबद्ध तरीके से फिर राम वनवास व अन्य प्रयोजन हुए। भरत राम से कहते थे यह गद्दी आपकी है भैया इसमें आप ही बैठोगे। तो राम जी कहते रहे नहीं मेरे भाई इस पर तुम्हारा अधिकार है इसमें तुम ही बैठना। मैं तो वनवास जाऊंगा। इसी तरह दूसरी कुर्सी की लड़ाई हुई पंपापुर में। जहां बाली को उनके ही भाई सुग्रीव ने राम का सहारा लेकर मरवा दिया और वहां राज गद्दी हासिल की। तीसरी कुर्सी की लड़ाई लंका में हुई। जहां विभीषण ने अपने ही भाई रावण का राम से वध करवाया।  रावण ही नहीं बल्कि उनकी सभी वंशजों, उनके बेटे व  अन्य भाइयों का भी वध हुआ। इस तरह उन्होंने आज की राजनीतिक वातावरण पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर हमें कुर्सी पानी है तो अच्छे कार्य के लिए पानी चाहिए। कुर्सी किस्मत बदल देती है पर उस कुर्सी को पाने के लिए कभी गलत रास्ता नहीं चुनना चाहिए।

सैनिटाइजेशन गेट का भी था इंतजाम

आयोजन स्थल में पूरी व्यवस्था की गई थी।कोरोना काल को देखते हुए लोगों को सैनिटाइजेशन करके ही इस पंडाल पर प्रवेश दिया जा रहा था। एक आकर्षक सेंसटाइजेशन गेट का निर्माण किया गया था। जहां से होकर ही हर दर्शक व भक्तों को प्रवेश दिया जाता था। इस आयोजन

ये कार्यक्रम भी साथ साथ हुआ

इस दौरान प्रतिभा सम्मान, श्रेष्ठ कृषक सम्मान, समाज सेवक, गौ सेवक, नशा मुक्त परिवार, महिला सशक्तिकरण व विभिन्न सम्मान प्रदान किए गए। ग्राम वासियों के उत्साहवर्धन व सामाजिक सद्भाव आपसी भाईचारे को बढ़ाने के लिए परमजीत सिंह, विकास धर दीवान, शाहिद खान, राहुल टिकरिहा, सबीना खान, गुरमीत खुराना, राजेश दीवान, अमित जैन, रामेश्वर प्रसाद सिन्हा, मंदिर सिंग, राजा खुराना, वीरेंद्र जयसवाल, मिंटू बिसेन, नीलेश जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष सोना देवी दशहरा, जनपद अध्यक्ष सुचित्रा हेमंत साहू, सरपंच थानेश्वरी जोशी ने भी भागीदारी निभाई। सेवानिवृत्त सैनिकों में देवेंद्र साहू, डोमन लाल साहू, अंगेश्वर प्रसाद सिन्हा द्वारा भंडारे की व्यवस्था भी की गई थी। कार्यक्रम का समापन “अपना सुधार संसार की सबसे बड़ी सेवा है” इस संकल्प के साथ किया गया। सर्व समाज ग्राम देवरी के तत्वाधान में उक्त संपूर्ण आयोजन हुआ। मंच का संचालन शिक्षक मिलाप सिंह साहू ने किया।

You cannot copy content of this page