बालोद -हिन्द सेना ने शुक्रवार को रेलवे महाप्रबंधक से दो आदिवासी बेटियों के लिए नौकरी की मांग की है. ये वो बेटियां है जो अपने ख़ास हुनर व हौसले से शिक्षा व समाज सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में नाम रोशन कर रही है. इसके बाद भी हुनरमंद बेटियां गरीबी में दिन गुजार रही। पढ़ी लिखी होने के बाद भी नौकरी को मोहताज हैं। उनकी आवाज बनते हुए हिन्द सेना ने बालोद दौरे पर पहुंचे रेलवे के जीएम गौतम बनर्जी के सामने उनकी समस्या रखी और रेलवे में नौकरी देने की मांग की।

इस दौरान कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष तरुण नाथ योगी, अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष इम्तियाज अहमद, प्रदेश महामंत्री विजय हरदेल, छत्तीसगढ़ मीडिया प्रभारी अनीश राजपूत, बालोद जिला मीडिया प्रभारी मुकेश वाधवानी, प्रदेश मंत्री अमजद चौहान, प्रदेश मंत्री असरार अहमद और हिन्द सैनिक मौजूद रहे।
जानिए उन बेटियों के बारे में
रेलवे कर्मचारी की है बेटी, इंटरनेशनल खिलाड़ी

दल्ली राजहरा के रेलवे कर्मचारी डीके सिंह की पुत्री अंजना सिंह जो इंटरनेशनल स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर चुकी है. एशिया के स्ट्रांग वूमेन का खिताब भी जीत चुकी है. विदेशों में नाम कर चुकी अंजना आज अपने ही क्षेत्र में नाम तलाशने को मजबूर है. नौकरी तलाश रही अंजना के लिए हिंद सेना के कार्यकारी अध्यक्ष तरुण नाथ योगी ने संगठन की ओर से नौकरी की मांग की है.
गुजरा की नीलिमा श्याम जो दीवारों से पढ़ा रही गांव के 70 बच्चों को

नीलिमा श्याम आदिवासी वनांचल क्षेत्र के ग्राम गुजरा की निवासी है. ये भी किसी पहचान का मोहताज नहीं है. बीते चार वर्षों से नीलिमा गाँव में घरो की दीवारों में वर्णमाला व अन्य रोचक जानकारी लिखकर रोचक ढंग से 70 बच्चों को पढ़ा रही है. अपने कार्य क्षेत्र में कुछ बेहतर करने के लिए उसे भी नौकरी की आवश्यकता है. हिन्द सेना ने उन्हें कुछ हद तक मदद भी की है हिन्द सेना की मांग है की उक्त दोनों बेटियों को रेलवे अपने विभाग में नौकरी देकर इनका जीवन संवारें।
