बालोद। धान खरीदी की अव्यवस्था पर कांग्रेसी द्वारा केंद्र सरकार को दोषी ठहराया जा रहा है तो वहीं इस खरीदी पर सियासत अब तेज होती नजर आ रही है। इसी क्रम में भाजपाई भी अब राज्य सरकार यानी कांग्रेस सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाकर धान खरीदी की अव्यवस्था को लेकर 13 जनवरी को विधानसभा स्तरीय प्रदर्शन की तैयारी कर रही। इसकी तैयारी को लेकर बालोद जिले के भाजपा प्रभारी केदार नाथ गुप्ता गुरुवार को बालोद पहुंचे। उन्होंने कबीर मंदिर में प्रेस वार्ता आयोजित कर 2 साल में कांग्रेस सरकार की विफलताओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी सरकार किसान विरोधी है और प्रदेश के किसानों के साथ अन्याय कर रही है।

हालात इतने खराब है कि मुख्यमंत्री और कांग्रेस के अध्यक्ष के क्षेत्र में भी किसान आत्महत्या कर रहे हैं। कांग्रेसमें वादाखिलाफी और विश्वासघात रोज नया रिकॉर्ड बना रहे हैं। कांग्रेस को ध्यान रखना होगा कि जो किसान बोना जानता है वह काटना भी जानता है। आज पिछले वर्ष के धान की कीमत का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। वर्तमान में भी 20 दिन बीत जाने पर भी किसानों के खाते में एक पैसा नहीं पहुंचा है। रमन सरकार में 3 से 4 दिन में तो 24 घंटे के अंदर किसान के घर पहुंचने से पहले किसान के खाते में पैसा आता था। 2 साल के बोनस आदि की भी तो अब ये बात भी करना नहीं चाहते हैं। मंडी टैक्स खत्म करने का वादा किया गया था ।अब उल्टा उसे भी बढ़ा दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सबसे बड़ा घोटाला यह सरकार बारदाना के नाम पर कर रही है। उसके बहाना धान खरीदी से बचना चाहती है। विधानसभा में जवाब देते हुए सरकार ने कहा था कि प्रदेश में इस सीजन में कुल 4 लाख45 हजार गठान की जरूरत होती है। जिसमें 3 लाख 30000 बारदाना उपलब्ध है और एक लाख की जरूरत होगी। समय रहते उससे संबंधित कुछ भी नहीं किया गया सरकार ने। आज हालत यह है कि किसान खुद 30 से ₹40 में बारदाना खरीदने को मजबूर हैं। किसानों का धान खरीदने से बचने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। खुद प्लास्टिक का बोरा इस्तेमाल करती है और किसानों से जूट का बोरा लाने को कह रही है एवं किसानों को ₹30 में जुट का बोरा खरीदना पड़ रहा है। सरकार द्वारा ₹15 भुगतान किया जा रहा है।
प्रदेश सरकार केंद्र सरकार के ही भरोसे अपने लोकलुभावन वादे पूरे करना चाहती है। गिरदावरी रिपोर्ट के माध्यम से भी रकबा कम करने का षड्यंत्र किया जा रहा है। किसान आत्महत्या को मजबूर हो रहे हैं। एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 233 किसानों और खेती हारो ने 2019 में आत्महत्या की है। भाजपाइयों ने कहा कि राजीव गांधी न्याय योजना के नाम पर छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ किस्तों में भुगतान का अन्याय करने वाली कांग्रेस किस मुंह से केंद्र सरकार पर आरोप लगा रही है। केंद्र की नरेंद्र मोदी जी की सरकार छत्तीसगढ़ प्रदेश के किसानों के हित में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक चावल खरीद रही है तो कांग्रेस को क्या तकलीफ है?
यह है भाजपा की रणनीति
लगातार कांग्रेस सरकार की विफलता को देखते हुए 13 जनवरी को प्रदेश भर में विधानसभा स्तरीय प्रदर्शन होगा। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी प्रदेश सरकार के खिलाफ 22 जनवरी को जिला स्तरीय प्रदर्शन करेगी। प्रदर्शन के बाद भारतीय जनता पार्टी राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपेगी। किसी कीमत पर किसानों से अन्याय भाजपा सहन नहीं करेगी।
सरकार से ये सवाल उठा रही भाजपा
भाजपाइयों ने यह सवाल भी उठाया है कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के लिए संग्रहण केंद्रों में 35 लाख मैट्रिक टन की व्यवस्था है। वहां धान को ले जाने के लिए ट्रांसफर आर्डर क्यों नहीं काटे जा रहे हैं ।जबकि संग्रहण केंद्रों के लगभग 90% स्थान खाली पड़े हुए हैं। खरीदी केंद्रों में बफर लिमिट को क्यों ज्यादा रखा गया है जिसके कारण ट्रांसफर आर्डर व डीओ नहीं काटा जा रहा है। भाजपा के समय की तरह कुल लक्ष्य के 10% से ज्यादा बफर लिमिट को नहीं रखना चाहिए। बारदानों की व्यवस्था को पूरा चौपट कर खरीदी की व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास भूपेश सरकार खुद ही कर रही है। प्रेस वार्ता के दौरान प्रमुख रुप से भाजपा के प्रदेश मंत्री राकेश यादव, गुंडरदेही के पूर्व विधायक राजेंद्र राय, नरेश यदु, पवन साहू, राकेश छोटू यादव, बिरेन्द्र साहू सहित अन्य मौजूद रहे।
