बड़ी खबर – पत्नी के दोस्त का समझाना लगा बुरा तो पति ने चलती गाड़ी में चाक़ू से किया गले पर वार, पुलिस ने आरोपी पति को किया गिरफ्तार



इसी गाड़ी में हुई घटना, खून के छीटें पड़े

बालोद/राजनांदगांव – राजनांदगांव जिले के लालबाग थाना क्षेत्र में एक पति ने अपने पत्नी के दोस्त का गला चाक़ू से रेतने की कोशिश की. गनीमत जिस पर हमला हुआ है उसकी जान बच गई. पुलिस ने हत्या के प्रयास के आरोप में पति को गिरफ्तार कर लिया है. दरअसल में आरोपी बालोद जिले का रहने वाला है. जो वर्तमान में राजनांदगांव में रहता है. आरोपी व उनकी पत्नी दोनों ही बालोद जिले से हैं. पुलिस के मुताबिक हमला राजेश कुमार साहू पिता इंन्द्रप्रसाद साहू उम्र 26 वर्ष निवासी संजय नगर मूल रोड वार्ड न.08  कुशल मेडिकल के पास जिला चन्द्रपुर(महाराष्ट्र) पर हुआ है. घटना फरहद चौक से लगभग 5 किमी दूर थाना लालबाग के पास यह घटना हुई है. आरोपी पति पारस कुमार साहू पिता हंसा राम साहू उम्र 26 वर्ष निवासी मोगरी थाना गुन्डरदेही जिला  बालोद  हाल निवास महामाया चौक थाना बसंतपुर राजनांदगांव है. घायल राजेश कुमार के मुताबिक वह ड्राईवर का काम करता है, ग्राम बोरी लाटाबोड़, जिला बालोद निवासी कुसुम साहू से मेरा पुराना जान पहचान है. जिनसे अभी भी फोन के माध्यम से बातचीत करता हूं. 

आज से लगभग तीन वर्ष पूर्व कुसुम साहू का विवाह ग्राम मोंगरी जिला बालोद निवासी पारस साहू के साथ हुआ है. जो वर्तमान मे महामाया चौक बसंतपुर के पास किराये के मकान में अपने पति के साथ रहती है. कुसुम साहू मुझे फोन कर बताती थी कि मेरा पति मेरे से प्रेम नही करता है. आये दिन झगडा लड़ाई करता है, कहकर दो माह पूर्व बताई थी. इसके पूर्व भी मैं कुसुम के पति के अनुपस्थिती में दो तीन बार उसके घर आ चुका हूं. कल दिनांक 02/01/2021 का कुसुम मुझे फोन कर बताई कि मेरे पति और मेरा सबंध अच्छा नही चल रहा है. तब मै बोला कि कल मैं राजनांदगाव आकर तुम दोनो को समझा दुगां. 03/01/2021 को अपने वाहन  स्कार्पियो क्रमांक एम.एच.34/बी.एफ/ 6714 से राजनांदगाव आया था. शाम करीबन 4 बजे कुसुम और उसके पति पारस साहू से मिलकर आपस में बातचीत कर अच्छे से साथ में रहने के सबंध मे समझाईश दिया. इसके बाद परस साहू बोला कि अपनी गाड़ी में हम लोगो को आगे तक छोड दो. तब मैं अपने वाहन स्कार्पियो में बैठाकर फरहद चौक की ओर ले जा रहा था. वाहन में कुसुम साहू सामने बैठी थी. पारस साहू ड्राइवर सीट के पीछे वाली सीट में बैठा था. गाडी मैं चला रहा था कि जैसे ही फरहद चौक के पास मैं अपनी गाडी को रोकने के लिऐ धीरे कर रहा था कि उसी समय पारस साहू मुझे तू परिवारिक मामले में समझाने वाला कौन होता है, तुम मेरी पारिवारिक जिंदगी को तबाह कर दिये हो, कहकर मैं आज तुम्हे जान सहित खत्म कर दुगां कहकर अपने पास रखे धारदार चाकू से हत्या करने के नियत से मेरी गर्दन मे वार किया. जिसे मैं अपने हाथ से रोका तो मुझे दाहिने हाथ की कलाई में चोट आकर खून बहा है. यदि मै पारस साहू के चाकू  के वार को अपने हाथ से नही रोकता तो पारस साहू मेरे गले में चाकू से प्राण घातक हमले कर हत्या कर देता. घटना के समय कुसुम द्वारा बीचबचाव करने पर उसे भी बाये हाथ के कलाई मे चोट आया है.

You cannot copy content of this page