अक्षत कलश का भ्रमण 23 दिसंबर को गंगा मैया मंदिर झलमला से, तैयारी में जुटे लोग



बालोद। सैकड़ों वर्ष की रक्तिम संघर्ष और लाखों शहादत के बाद आज सदियों की प्रतीक्षा खत्म हो रही है। अब हम सबके जीवन में वो परम पवित्र पावन क्षण आने ही वाला है ज़ब हम सब अयोध्या में भगवान श्रीरामजी के बाल स्वरुप विग्रह के प्राण प्रतिष्ठा और दिव्य उत्सव संवत्सर विक्रम संवत 2080, शक संवत 1945 (शोभकृत संवत्सर), पौष , द्वादशी तिथि सोमवार पौष माह के शुक्ल पक्ष 22 जनवरी 2024 को साक्षी बनेंगे। इस पुनीत काज हेतु व्यक्ति- व्यक्ति,घर- घर,परिवार – परिवार सहित समग्र सनातन समाज को इस उत्सव में सम्मिलित करने श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम से पूजित अक्षत कलश, आमंत्रण पत्र और श्रीराम मंदिर का छाया चित्र माँ गंगा मैया मंदिर झलमला में श्रद्धा और विश्वास के साथ लाकर स्थापित किया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम से आये पूजित अक्षत कलश को बालोद, गुण्डरदेही, डौण्डी लोहारा, डौण्डी, गुरूर व ,दल्लीराजहरा नगर को दिनांक 23 दिसंबर शनिवार सुबह 10 बजे गंगा मैय्या झलमला मंदिर प्रांगण से सभी खंड व नगर समर्पित किया जाना है |
इस अवसर को दिव्य और भव्य बनाने तथा धूमधाम के साथ पूजित अक्षत कलश के स्वागत सत्कार हेतु सम्पूर्ण समाज के पदाधिकारी एवं सदस्यों को आमंत्रित किए गया है।

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