बिलासपुर/रतनपुर । कोरोना जैसे वैश्विक महामारी (कोविड-19) के कारण राज्य शासन द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए स्कूलों का संचालन बंद कर दिया गया था, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई पूर्णतः बाधित हो गया । बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने अपनी महत्वकांक्षी योजना ’’पढ़ई तुंहर दुआर’’ के तहत् शिक्षकों और बच्चों को जोड़ते हुए ऑनलाइन क्लास/ ऑफलाइन क्लास/मोहल्ला शाला का विकल्प चालू किया गया |
ऑनलाइन वर्तुअल स्कूल का संचालन
इसी विकल्प को पकड़कर सर्वप्रथम मनोज यादव द्वारा संकुल भेड़ीमुड़ा रतनपुर में 09 जून 2020 को संकुल समन्वयक बलराम पाण्डेय के मार्गदर्शन एवं सहयोग से संकुल के समस्त शिक्षकों को आनलाईन मीटिंग लेकर सभी को अपने-अपने स्कूलों के बच्चों कों वर्चुवल क्लास/ऑनलाइन क्लास के बारे में जानकारी देकर प्रशिक्षित किया गया| जून 2020 से शास.कन्या उच्च.माध्य. विद्यालय रतनपुर के अंतर्गत कक्षा 6 वीं से 12 वीं तक के बच्चों एवं उनके अभिभावकों से लगातार सम्पर्क करते हुए बच्चों और पालकों को समझाते हुए उनका मोबाईल नंबर लेकर प्रत्येक कक्षा का एक–एक वर्चुवल क्लास का निर्माण किया गया, साथ ही बच्चों के अभिभावकों को मोबाईल पर आनलाईन क्लास के लिये cisco webex app को डाउनलोड कर उनका सञ्चालन करना सिखाया गया| धीरे-धीरे संस्था के प्रत्येक क्लास के सभी बच्चे को जोड़ते हुए कुल 802 छात्राओं को वर्चुवल क्लास में शामिल किया गया | उपरोक्त कार्य में संस्था के प्राचार्य भारती त्रिवेदी एवं प्रधान पाठक मालिक राम माथुर एवं समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं का सहयोग एवं समर्थन उन्हें प्राप्त हुआ| इन वर्चुवल क्लास के माध्यम से दिसम्बर माह के अंतिम सप्ताह तक कुल 166 ऑनलाइन क्लास संचालित किया जा चुका है, जिसमें अभी तक कुल 3595 छात्र सम्मिलित होकर लाभांवित हुए है।
ऑनलाइन मैथ्स प्रतियोगिता
मनोज यादव के द्वारा गूगल फार्म में प्रत्येक शनिवार को ऑनलाइन मैथ्स प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बच्चों के द्वारा बढ़-चढ़ कर भाग लिया जाता है और सभी प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट दिया जाता हैं | इससे भी लगभग 05 हजार बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं | उनका कहना हैं कि आगे भी यह अनवरत जारी रहेगा।
ऑफलाइन मॉडल मोहल्ला क्लास का संचालन
जिन बच्चों के पास एन्ड्राइड मोबाइल नहीं है उन बच्चों को उनके सहेलियों से सम्पर्क कर आनलाईन क्लास में शामिल किया जा रहा है तथा बीच-बीच में ऑफलाइन क्लास के माध्यम से जिनके पास कोई भी साधन नहीं है, उनके मोहल्ले में जाकर मोहल्ला क्लास के माध्यम से मास्क, कापी तथा पेन वितरित करते हुए पढ़ाई के प्रति प्रेरित किया जा रहा है तथा कोरोना संक्रमण काल से अपने और अपने परिवार को कैसे बचायें इस संबंध में जानकारी देकर सुरक्षा के उपाय भी बताया जा रहा है।
स्टोरीविवर से स्थानीय भाषा छतीसगढ़ी में कहानी अनुवाद, अब तक 125 कहानी का कर चुके है अनुवाद
ऑनलाइन एवं आफलाइन क्लास के अलावा समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ एवं प्रथम बुक्स story weaver के संयुक्त तत्वाधान में story weaver पोर्टल का उपयोग करते हुए पोर्टल में उपलब्ध कहानियों का बच्चों के लिए स्थानीय भाषा छत्तीसगढ़ी के साथ हिन्दी में अनुवाद कर प्रकाशित किया जा रहा है | फिर उस कहानियों को बच्चों को whatsapp के माध्यम से शेयर किया जाता हैं , जिससे पढ़ाई के साथ-साथ बच्चे की उत्सुकता एवं उत्साह देखते ही बनता है, इस Story weaver के माध्यम से जो बच्चे आनलाइन एवं आफलाइन क्लास में नहीं आ रहे थे | वे भी आकर खेल-खेल में पढ़ाई के प्रति उनका रूझान बढ़ते जा रहा है | मनोज द्वारा story weaver पोर्टल में अब तक 125 कहानियों का अनुवाद करके प्रकाशित किया जा चुका हैं और आगे भी यह कार्य जारी रखेंगे।
स्टोरीविवर में अनुवादित प्रमुख कहानियां
उनके द्वारा अनुवादित मुख्य कहानियों के नाम इस प्रकार हैं – मकड़ी और शानू, खांव!!ले जॉव, मुसवा -बिलई, चिढ्ढा, रंग, तितली रानी, स्कूल के पहिली दिन, राजू अउ मुनिया, मोटी बिलई, लड़का अउ चाँद, फॉर्म एनिमल्स, The cat ate the sweet, सरल गिनती, मेरा शरीर, क्या मेरे जैसा कोई है, ढोलकी, कौशिक द काइंड डिटेक्टिव, बंदर और ड्रम, पेंगुइन बर्फीले, मधुमक्खी और हाथी, आम की चाट, थोड़ा जुर्राब और छोटे जीव, चुनु और मुन्नू यह ठंड है, हिप्पो डांस करना चाहता है, डॉक्स डे, मेरे गाँव मे मछली पकड़ना, ये किसलिए है, मैं मदद कर सकता हूँ, लिटिल चींटी का बिग प्लान, नई बिल्ली बिल्ली, मुर्गा का मुकुट, आननची ,कौंवे और मगरमच्छ, लुका छिपी, मेरे जैसा कोई नही, अम्माची की कमाल की मशीनें आदि।
नोडल अधिकारियों से मिल रहा प्रोत्साहन व सहयोग
इस कार्य में पढ़ई तुंहर दुआर के बिलासपुर से जिला नोडल अधिकारी रामेश्वर जायसवाल, कोटा ब्लॉक नोडल अधिकारी संध्या जायसवाल द्वारा समय-समय पर मार्गदर्शन एवं भेडीमुड़ा संकुल के समस्त शिक्षक, शिक्षिकाओं तथा संस्था में अध्ययनरत छात्राओं एवं अभिभावकों का सहयोग उन्हें प्राप्त हो रहा है।
छत्तीसगढ़ शासन के पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम अंतर्गत cgschoolin में हमारे नायक (शिक्षक) के रूप में चयनित मनोज कुमार यादव (उच्च वर्ग.शिक्षक), शासकीय कन्या पूर्व माध्यमिक शाला रतनपुर, संकुल केन्द्र-भेडीमुड़ा, विकासखण्ड कोटा, जिला बिलासपुर के इस प्रेरणादायक सफलता की कहानी को पढ़ई तुंहर दुआर के राज्य स्तरीय ब्लॉग लेखक चरण दास महंत, सहायक शिक्षक, शास.उन्नत प्राथ.शाला धनुहारपारा कुकदा, संकुल खम्हरिया, विकासखंड मस्तूरी, जिला बिलासपुर द्वारा लिखा गया है।
