गोबर के पैसे से खुद के लिए मोबाइल व बीवी के लिए पायल खरीदी, देवगहन के पशुपालकों के लिए बना गोधन न्याय योजना अतिरिक्त आमदनी का जरिया



बालोद – राज्य शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी के अंतर्गत गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम देवगहन में गौठान का निर्माण किया गया है। उक्त गौठान में गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी का कार्य प्रारंभ हुआ जो गाॅव के पशुपालकों के लिए अतिरिक्त आमदनी का जरिया बना है। गौठान में गोबर खरीदी का कार्य प्रारंभ होने से पशुपालकों की आमदनी बढ़ी है और उनके आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।

जनपद पंचायत गुण्डरदेही के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि ग्राम देवगहन के पशुपालक कृषक राकेश ने गोधन न्याय योजना के तहत 14 हजार 269 किलोग्राम गोबर विक्रय कर 29 हजार 938 रूपए आय अर्जित की। इससे उसने 17 हजार रूपए के तीन भैंस खरीदे। इसी प्रकार पशुपालक कृषक ओंकार ने भी गोधन न्याय योजना के तहत 10 हजार 718 किलोग्राम गोबर विक्रय कर 21 हजार 436 रूपए आय अर्जित किया। जिसमें से उसने ग्यारह हजार रूपए की एक भैंस खरीदी। पशुपालक कृषक रामसाय ने 18 हजार 552 किलोग्राम गोबर विक्रय कर 37 हजार 104 रूपए का आय अर्जित किया। उक्त अर्जित आय में से उसके द्वारा 11 हजार रूपए का एक मोबाईल फोन खरीदा गया। ग्राम के ही पशुपालक कृषक रूपलाल ने 14 हजार 126 किलोग्राम गोबर बेचकर 28 हजार 252 रूपए का आय अर्जित कर उसमें से अपनी पत्नी के लिए पाॅच हजार रूपए का पायल खरीदा। इसके अतिरिक्त देवगहन के गौठान परिसर में गोधन न्याय योजना के तहत् खरीदे गए गोबर से स्व-सहायता समूहों की सदस्यों द्वारा वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया जा रहा है। जिससे समूह के सदस्यों की आमदनी में भी वृद्धि हो रही है।

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