
बालोद/रायपुर । बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए अब सनराइज फाउंडेशन द्वारा छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में खासतौर से जरूरतमंद बेटियों व विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को गोद लेने की पहल शुरू की गई है। इस संस्था से जुड़कर कोई भी बच्चों को गोद लेकर उनकी शिक्षा-दीक्षा में मदद कर सकता है। छत्तीसगढ़ में इसकी शुरुआत मिडिल स्कूल खमरडीह शंकर नगर रायपुर में पदस्थ शिक्षिका कामिनी साहू ने की है। जो सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बच्चों को भी गोद लेकर उनकी पढ़ाई का खर्च उठा रही है। इसके अलावा सनराइज फाउंडेशन के जरिए उन बच्चों को प्रतिमाह 500 रूपए छात्रवृत्ति दिलाने की पहल भी की जा रही है। बालोद व अन्य जिले से भी ऐसे जरूरतमंद बच्चों को गोद लेकर पहल संस्था के माध्यम से की जाएगी। इस संस्था का उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई में आने वाली बाधाओं को दूर करना है। ऐसे बच्चे जो जरूरतमंद है लेकिन आर्थिक दिक्कतों के चलते पढ़ाई नहीं कर पाते हैं, उनके लिए यह संस्था आगे आती है।

तो वही इस पहल की शुरुआत करने वाली शिक्षिका कामनी साहू का कहना है वह बेटियों को आगे बढ़ाना चाहती है। उन्होंने अपने ही स्कूल में देखा कि कई बार बेटियां रोज क्लास नहीं आ पाती। जब आती है तो उसे पूछने पर पता चलता है कि वह घर का भी काम करती है। छोटे बच्चों को भी संभालती है। कई तरह के दबाव से गुजरती है । उनका बचपन ही मर जाता है और वह ठीक से नहीं पढ़ पाती। इसे देखते हुए उन्होंने बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए सुनहरे पंख अभियान शुरू किया। इसके अलावा नारी सशक्तिकरण के लिए ब्लू बर्ड्स नाम से भी अभियान शुरू किया है। जिससे वह अलग-अलग जिले की महिलाओं को भी जोड़ रही है। सनराइज फाउंडेशन बच्चों को 500 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति देती है तो जिन बच्चों को जो भी गोद ले रहे हैं वे उनकी अन्य जरूरतों को पूरा करते हैं।
सुनहरे पंख अभियान की यह है खासियत

नवाचारी शिक्षिका कामिनी साहू के द्वारा अपने नवाचार सुनहरे पंख के माध्यम से बच्चों के भविष्य एवं उनकी शिक्षा बिना रुकावट के चले उसके लिए उन्होंने अपनी अनूठी पहल की है। बालिका शिक्षा एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को गोद लेकर उनके शिक्षण सामग्री एवं उन्हें छात्रवृत्ति प्रदान करके उन्हें बेहतर भविष्य प्रदान करने के लिए उनका यह अनवरत प्रयास जारी है। उन्होंने अपने विद्यालय शासकीय पूर्व बुनियादी प्राथमिक शाला खमरडीह से कक्षा 4 के छात्र ड़ागेश्वर विशेष आवश्यकता वाली छात्रा कक्षा 6 की आद्विता प्रशांत गोडमारे संबलपुर वर्धा महाराष्ट्र एवं नेहा उमरिया जिला हरदा मध्य प्रदेश को गोद लेकर उन्हें प्रतिमाह 500 रूपए छात्रवृत्ति प्रदान करने का कार्य किया। शिक्षिका ने सामाजिक संस्था एवं समाज के संभ्रांत लोगों का सहयोग लेकर इस अनूठी पहल की शुरुआत की। उनका उद्देश्य सामाजिक रूप से पिछड़े एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का सहयोग करना है। जो घरेलू परेशानियों की वजह से अपनी शिक्षा को बीच में ही रोक देते हैं।
एक बेटी पढ़ती है तो दो परिवार होती है शिक्षित

बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए कामिनी साहू का विचार है कि यदि परिवार की एक बच्ची अच्छे तरीके से शिक्षित होती है तो वह दो और परिवारों को शिक्षित कर पाएगी। शिक्षा के साथ उनका उद्देश्य है कि आज के समय में छात्रों के साथ हो रहे यौन दुर्व्यवहार जैसी समस्याओं को खत्म किया जा सके। अपनी इस नई पहल के लिए उन्होंने सामाजिक संस्था सनराइज फाउंडेशन के माध्यम से छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करवा रही हैं।

साथ ही साथ उनका यह प्रयास है कि रायपुर सहित सभी जिले के सभी विद्यालय के शिक्षक अपने विद्यालय में किसी एक छात्र को गोद लेकर उसकी आवश्यकता की पूर्ति करें। उनके इस कार्य में संस्था सनराइज फाउंडेशन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही महाराष्ट्र से शिक्षक नरेश बाग मध्य प्रदेश से वीणा चौबे राजस्थान से मोहम्मद रफीक ने कामिनी साहू के इस नवाचार को अपने विद्यालय में लागू करने में पूर्ण रुप से सहयोग दिया। संस्था व शिक्षिका का उद्देश्य है कि पूरे भारत में सभी शिक्षक कम से कम अपने विद्यालय में विशेष आवश्यकता वाले एवं सामाजिक रूप से या की आर्थिक रूप से पिछड़े हुए कम से कम एक बच्चे को गोद लेकर उन बच्चों के भविष्य निर्माण में अपना सहयोग प्रदान करें।
अच्छे काम के बदले मिला अवॉर्ड

कामिनी साहू शिक्षिका को 2020 में कई अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। पढ़ाई तुंहर द्वार के अंतर्गत ऑनलाइन व ऑफ लाइन में प्रमाण पत्र से एवं छत्तीसगढ़ रत्न सम्मान2020 व फोर्थ स्क्रीन राष्ट्रीय टीचिंग एक्सीलेंस अवार्ड 2020, जिज्ञासा प्रोजेक्ट के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर अवॉर्ड 2020 और जे सीआई वामा कैपिटल के द्वारा न्यू जेसी 2020 से इस साल सम्मानित होने वाली शिक्षिका है। जिन बच्चों को उन्होंने गोद लिया है उन तक उनके द्वारा स्टेशनरी सामान व स्कूल बैग कुरियर के माध्यम से दिया जाएगा।

ख़ास बात ये है कि वह पपेट शो भी करती है, जिसके लिए उन्हें स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेम साय टेकाम ने भी सम्मानित किया है.
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