बालोद। न्यायालय प्रथम अतिरिक्त बालोद मनोज ठाकुर ने दहेज मृत्यु के मामले में तीन आरोपियों पति, ससुर व सास को 10 साल की सजा सुनाई है। जिसमें आरोपियों में संपत राम देवांगन उम्र 55 वर्ष, शकुन बाई देवांगन उम्र 50 वर्ष, टिका राम देवांगन उम्र 32 , सभी ग्राम पेंडरवाणी, गुरूर के रहने वाले हैं। तीनों आरोपियों को धारा 304 बी, 34 भारतीय दंड संहिता के आरोप में 10 साल की कठोर कारावास व 3000 रुपए अर्थ दंड से भुगताये जाने का आदेश पारित किया गया। विशेष लोक अभियोजन छन्नू लाल साहू के अनुसार मृतिका शैल कुमारी का विवाह 4 फरवरी 2018 को अभियुक्त टीकाराम के साथ सामाजिक रीति रिवाज के साथ हुआ था। मृतिका शैल कुमारी का अभियुक्त संपत राम ससुर है व अभियुक्ता शकुन बाई सास है।

शादी के 15 दिन बाद से ही अभियुक्त गण के द्वारा शैल कुमारी को दहेज में मोटरसाइकिल, वाशिंग मशीन, सिलाई मशीन, फ्रिज नहीं लाई हो कहकर प्रताड़ित करने लगे थे। अभियुक्त गण की प्रताड़ना से तंग आकर शैल कुमारी ने अपने घर की छत में मिट्टी तेल छिड़क कर आग लगा दी थी। जिससे उसकी वहीं पर उसी दिन मौत हो गई थी। जिसके बाद गुरुर पुलिस ने मर्ग कायम किया था। जांच के बाद न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया गया।जहां विचारण न्यायालय द्वारा साक्षियों को कथन कराया गया और आरोपी गण को उक्त दंड से दंडित किया गया है।
