बालोद/ डौंडी। डौंडी ब्लॉक के गांव में एक नाबालिग के साथ अपहरण व दुष्कर्म का मामला सामने आया है। जो घटना आज के भटकते युवाओं के लिए भी एक सबक है। जो इस तरह की नादानी कर बैठते हैं और अब कानून में बदलाव ऐसा हुआ है कि अगर लड़की नाबालिग है तो सामने वाले को अपहरण व अन्य धाराओं के तहत जेल ही जाना पड़ता है। ऐसा ही केस हुआ बालाघाट के जूनियर इंजीनियर जो कि रायपुर के कंपनी में पदस्थ थे, रवि मरावी के साथ। जिन्हें डौंडी पुलिस ने धारा 363 के अलावा 376 के केस में गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेजा। आरोप है कि उसने डौंडी क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर बहला कर भगा ले गया फिर उसके साथ संबंध बनाया। जब पुलिस उसे गिरफ्तार कर जेल दाखिल करने लगी तो वह रोने लग गया।कहने लगा कि मुझे लड़की के उम्र के बारे में पता नहीं था, ना मैंने कभी पूछा था, ना कभी उसने बताया कि वह 18 साल से कम उम्र की है। देखने में भी वह कम उम्र की नहीं लगती थी।
फेसबुक के जरिए उन दोनों की दोस्ती लॉकडाउन के दौरान मार्च-अप्रैल में हुई थी ।फेसबुक प्रोफाइल में भी लड़की ने जन्म तारीख का कहीं कोई जिक्र नहीं किया है। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हुई। बातें हुई फिर मुलाकाते की योजना बनी। गुरुर ब्लॉक के एक गांव में उनका कोई रिश्तेदार रहता है। जहां वह कुछ दिन पहले आया हुआ था और इसी बीच उसने लड़की को मिलने के लिए बुलाया।
ऐसे हुई थी घर से लापता
पुलिस के मुताबिक 9 दिसंबर को नाबालिग अपनी बड़ी बहन के साथ डौंडी कपड़ा लेने जा रहे हैं, कहकर निकली थी। लेकिन दोनों कई दिनों तक नहीं आई। 13 दिसंबर को परिजन रिपोर्ट लिखाने के लिए आए। कुछ दिन बाद बड़ी बेटी मिल गई। उसी के जरिए पता चला कि उनकी छोटी बहन किसी बालाघाट के लड़के के साथ चली गई है। जब नंबर ट्रेस हुआ तो नाबालिग भी बरामद हुई। पूछताछ में उसने बताया कि गुरुर ब्लॉक के गांव में वह अपने प्रेमी युवक से मिलने के लिए गई थी। जहां उनके बीच शारीरिक संबंध भी बन गया। क्योंकि लड़की नाबालिक थी इसलिए अपहरण के साथ साथ रेप का भी केस दर्ज हुआ और संबंधित युवक को गिरफ्तार किया गया।
ऐसी घटनाओं से सबक ले युवा पीढ़ी
आजकल इस तरह की घटनाएं बढ़ रही है। कच्ची उम्र में प्यार, फिर नादानी में रिश्ते को आगे बढ़ा कर आजकल के बच्चे अपराध की ओर भी बढ़ रहे हैं। बालोद जिले में ऐसे कई केस हैं, जिसमें प्रेम प्रसंग के मामलों में बाद में अपहरण व दुष्कर्म की धारा जुड़ने के बाद लड़कों को जेल जाना पड़ा है। नाबालिक के केस में ऐसा ही होने लगा है। लेकिन इसके बावजूद इस तरह की घटना थम नहीं रही है। तो वहीं पेरेंट्स को भी अपने बच्चों के प्रति ध्यान देने की जरूरत है। ताकि बच्चे गलत राह पर ना जाए। वे उनके साथ समय बिताएं। अपनी दिल की हर बात बताए। कोई बात न छिपाएं। सोशल मीडिया में अनजानों से दोस्ती भी कभी-कभी गलत दिशा की ओर ले जाती है।
