बालोद-जिले के थाना गुरूर क्षेत्र के पोंड निवासी सुनील कुमार के बारहवीं कक्षा के अंकसूची की के जरिए नाम पता बदल कर कोचवाही के एक आरोपी परमेश्वर यादव ने मनरेगा योजना के तहत मेट की नौकरी हासिल कर ली थी। इसका खुलासा सूचना के अधिकार के तहत हुआ। जिसके बाद गांव के जागरुक व्यक्ति रोहित कुमार माहला ने इसकी शिकायत थाने व जिला पंचायत प्रशासन से की। मामले की जांच में असलियत उजागर हुई और शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं को केस दर्ज किया गया।

नकली रिजल्ट से नौकरी हासिल करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है। दूसरे की असली रिजल्ट के जरिए खुद की नकली रिजल्ट बनाकर नौकरी हासिल करने का मामला यह जिले में पहला व रोचक मामला है।
देखिए तस्वीर कैसे जालसाजी की गई थी

हम आपको इस रोचक मामले में उस चर्चित रिजल्ट की तस्वीर भी साझा कर रहे हैं। जो असली है और उसी की फोटो कॉपी करवा कर उसमें ओवरलैप सफेदा लगाकर नाम पता कंप्यूटर के जरिए बदलकर परमेश्वर ने अपने लिए रिजल्ट तैयार कर ली थी। जो नकली थी। तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि दोनों ही रिजल्ट का रोल नंबर एक ही है और नीचे प्राप्तांक सब एक ही है। ऊपर में सिर्फ परीक्षार्थी व पिता का नाम बदला गया है।
इस तरह हुई जांच
मेट कार्य के लिए असली अंकसूची पेश कर धोखाधडी कर शासन से आर्थिक लाभ प्राप्त करने का मामला सामने आने पर गुरुर पुलिस में उक्त फर्जी अंकसूची बनवाने वाले आरोपी परमेश्वर यादव के खिलाफ रोहित माहला व सुनील कुमार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई ।रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने पतासाजी कर उक्त आरोपी के खिलाफ धारा 420,467,468,471 के तहत मामला पंजीबद्ध किया । पुलिस के अनुसार आवेदक रोहित कुमार माहला निवासी कोचवाही द्वारा प्रस्तुत शिकायत आवेदन पत्र जांच हेतु प्राप्त होने पर शिकायत आवेदन पत्र की जांच किया गया। जांच दौरान आवेदक रोहित कुमार माहला एवं गवाह सुनील कुमार साहू का ब्यान दर्ज किया गया। ग्राम पंचायत कोचवाही एवं माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर से प्राप्त जानकारी से पाया गया कि आरोपी परमेश्वर यादव पिता मंगलू राम यादव उम्र 50 वर्ष निवासी कोचवाही द्वारा दिनांक 21 अगस्त 2020 के पूर्व, गवाह सुनील कुमार के कक्षा 12वीं के अंकसूची जो मूल्यवान है, आरोपी परमेश्वर द्वारा छल करने के उद्देश्य से कूट रचना कर फर्जी अंकसूची तैयार कर यह जानते हुए कि अंकसूची नकली है फिर भी ग्राम पंचायत कोचवाही में मेट कार्य के लिए असली अंकसूची के रूप में उपयोग कर धोखाधडी कर शासन से आर्थिक लाभ प्राप्त किया है। जो आरोपी का कृत्य प्रथम दृष्टिया धारा 420,467,468,471 भादवि0 का अपराध घटित करना पाया गया।
खुद 9वी फेल है आरोपी
जांच में यह भी सामने आया कि बारहवीं की फर्जी अंकसूची दिखाकर नौकरी करने वाला आरोपी खुद 9वी फेल है। इसका खुलासा उसके स्कूल के दाखिल खारिज से हुआ है।
पुलिस ने बताया कि ग्राम कोचवाही निवासी परमेश्वर पिता मंगलुराम द्वारा ग्राम पंचायत कोचवाही में मनरेगा कार्य में विगत 12 वर्षो से मेट का कार्य कर रहा है। जब परमेश्वर की अंकसूची की जांच की गई तो पता चला कि वह ग्राम पोंड निवासी सुनील कुमार पिता अरूण कुमार के बारहवीं कक्षा के अंकसूची को ओव्हरलेप कर अपने नाम लिख कर फर्जी अंकसूची बनवाया है। उसे मनरेगा के मेट कार्य हेतु प्रस्तुत कर फर्जी तरीके से कार्य कर शासन को लाखों रूपये आर्थिक अनियमितता किया गया है। साथ ही परमेश्वर के द्वारा फर्जी अंकसूची लगाकर 420 का कार्य किया है। शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल चारामा में जब सुचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगने पर यह संपूर्ण जानकारी का खुलासा हुआ कि परमेश्वर के द्वारा दूसरे के अंकसूची को ओव्हरलेप करके फर्जी अंकसूची बनाया है। स्कूल से प्राप्त जानकारी के अनुसार परमेश्वर पिता मंगलु वर्ष 1985 नवमी कक्षा में अध्ययन किया है। जबकि मनरेगा में जो दस्तावेज 12वीं कक्षा का अंकसूची लगाया है वह फर्जी है।
