बालोद – शुक्रवार को जिले में सतनामी समाज ने अलग अलग गांव में घांसी दास जयंती मनाई. जगह जगह पंथी नृत्य की प्रस्तुति हुई. इस बार कोरोना काल के चलते बड़ा आयोजन तो नहीं हुआ लेकिन गुरु के प्रति भक्ति कम नही हुईं. पंथी प्रतियोगिता भले न हुई हो लेकिन जैतखाम पूजन के दौरान स्थानीय व बाहर से पंथी दल बुलाकर प्रस्तुती दी गई. जिसे देखने के लिए सभी समाज के लोग जुटे रहे. इसी क्रम में बालोद ब्लॉक के ग्राम सांकरा ज में शुक्रवार को गांव के सतनामी समाज द्वारा घासीदास जयंती पर्व का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर सुबह गांव के बाजार चौक में मिनीमाता प्रतिमा के पास पूजा अर्चना की गई। इसके बाद शाम को मोहल्ले में जैतखाम की पूजा की गई।

इस दौरान घर से महिलाएं थाल सजाकर पहुंची। जैतखाम में अलग-अलग व्यंजनों सहित अन्य पूजन सामग्री का भोग चढ़ाया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद कमलकान्त खेवारे ने लोगों को सत्य की राह पर चलने के लिए प्रोत्साहित किया। अध्यक्षता मोहन चतुर्वेदी जिला सतनामी समाज अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ बालोद ने की।विशेष अतिथि के रूप में वारुणी देशमुख सरपंच, शिवेन्द्र देशमुख, अरुण पटेल, कुन्देश्वरी चन्द्राकर, भुनेश्वर पटेल, पूर्णिमा चन्द्राकर, पत्रकार दीपक यादव रहे। कार्यक्रम का संचालन ख़िलानन्द गिलहरा ने किया।

पंथी नृत्य की प्रस्तुति जय सतनाम पंथी पार्टी निपानी के कलाकारों ने दी। नृत्य व पंथी गीत के जरिए गुरू घांसी दास की महिमा का बखान किया गया।

इस दौरान मेहतरु देशलहरे, ललित महेश्वरी, प्रशांत बघेल, जयलाल खुटेल, विजय बघेल, हेम बहादुर बघेल सहित अन्य सामाजिक व अन्य समाज के लोग मौजूद रहे।

