बालोद। जिला मुख्यालय से लगे हुए बघमरा जगन्नाथपुर सुंदरा मार्ग की तस्वीर बहुत जल्द बदलने वाली है। पहले यह सड़क पीडब्ल्यूडी में शामिल थी। जिसे अब पीएमजीएसवाई यानी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल करके इसका जीर्णोद्धार करवाया जा रहा है। वर्तमान में पुल पुलिया का काम शुरू हो गया है। जल्द ही सड़क चौड़ीकरण का काम भी जारी होगा।इसकी प्रारंभिक तैयारी चल रही है। वर्षों से इस सड़क की दुर्दशा है। जिसे सुधारने की मांग कई सालों से ग्रामीणों द्वारा की जा रही है ।पहले इस मांग को लेकर पीडब्ल्यूडी के समक्ष कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों द्वारा गुहार लगाई जा चुकी थी। पर सिर्फ मेंटेनेंस हो रहा था। स्थाई हल नहीं निकल पा रहा था। इसके बाद इसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को हैंडओवर किया गया और फिर नए सिरे से इसके नवीनीकरण का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा गया।

शासन से इस सड़क के लिए विधायक संगीता सिन्हा के अथक प्रयास से आठ करोड़ की स्वीकृति मिली।अब उक्त राशि से इसका नवीनीकरण व चौड़ीकरण का काम शुरू हो गया है। विभागीय जानकारी के मुताबिक लगभग 5.50 मीटर चौड़ी बनाई जाएगी।जिसका काम चल रहा है। विभाग के ईई सुनील नामदेव के मुताबिक वर्तमान में पुलिया बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। कई जगह किसानों की जमीन आ रही है। जिसके केस भी चल रहे हैं । केस क्लियर होने के बाद आगे भी काम शुरू करेंगे। बाफना कंस्ट्रक्शन दुर्ग को ठेका दिया गया है। जिन्हें 16 महीने के भीतर काम पूरा करके देना है। कार्य की गुणवत्ता का ख्याल रखा जाएगा। इसको लेकर समय-समय पर निरीक्षण भी करेंगे।
यहां पर हो गई थी सड़क पूरी तरह से खराब
बता दें कि इस मार्ग में खासतौर से भोथली के आगे खरथुली, ओरमा बघमरा रेलवे फाटक तक सड़क काफी खराब थी। लोग इस खराब रास्ते के चलते यहां से गुजरने से भी कतराते थे। देखते देखते सड़क से पूरी तरह से डामर गायब हो चुकी थी। सिर्फ गिट्टी और धूल नजर आते थे लेकिन अब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से इस सड़क को सवारने की मुहिम शुरू हुई है। इससे ग्रामीणों को उम्मीद है कि फिर से यह सड़क चकाचक हो जाएगी। लगभग 10 सालों से इस सड़क की उपेक्षा होती आ रही थी। लगातार लोग सड़क डामरीकरण की मांग कर रहे थे।
सड़क काफी संकरी है

सड़क संकरी है, जिसके चलते हादसे का खतरा भी बना रहता था। कुछ जगह यह भी शिकायत है कि आसपास के किसान भी सड़क को धीरे धीरे कब्जा कर खेत बनाते जा रहे थे ।जिससे सड़क संकरी हो गई थी और हादसे का खतरा बना रहता था। कई बार स्थिति यह होती थी अगर एक साथ दोनों दिशा से बड़े वाहन आ जाए तो गाड़ी पार होना मुश्किल हो जाता था।और एक गाड़ी को रिवर्स में पीछे करने के लिए जगह तलाशनी पड़ती थी। लेकिन अब सड़क चौड़ी होने से साइड देने के लिए अलग से रिवर्स लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब पर्याप्त जगह होगी और लोगों को भी आने जाने में सुविधा होगी।
रात को आवागमन हो जाता है बंद
खराब सड़क के चलते ही इस रास्ते से शाम 7 बजे के बाद अक्सर लोगों का आना जाना बंद हो जाता है। क्योंकि अंधेरी रात में सड़क चलने लायक नहीं है। जिसे देखते हुए लोग इसके चौड़ीकरण व डामरीकरण की मांग कर रहे थे। शासन प्रशासन को लगातार ज्ञापन सौंपा जा रहा था। विधायक ने भी इसके लिए काफी प्रयास किया। पूर्व विधायक भैया राम सिन्हा भी इसको लेकर प्रयासरत थे। वर्तमान विधायक संगीता सिन्हा संबंधित मंत्री को ज्ञापन देकर चौड़ीकरण के लिए राशि स्वीकृत करने की मांग करती रही। इसके बाद पीएमजीएसवाय से स्वीकृति मिली। काम भी शुरू कर दिया गया है।
मालवाहक वाहनों के चलते होती थी सड़क खराब
ज्ञात हो कि पहले पीडब्ल्यूडी द्वारा कम चौड़ाई की सड़क बनाई गई थी। कई बार आधा अधूरा निर्माण हुआ था। कभी जगन्नाथपुर से भोथली तक ही काम हुआ था। तो कभी बघमारा से ओरमा तक। बीच की सड़क पूरी तरह से छूट जाती थी। जो की पूरी तरह से खराब हो गई थी तो वहीं लगातार इस इलाके में भारी वाहनों की आवाजाही रहती थी। रेत खदान भी आसपास संचालित होने से बड़ी-बड़ी गाड़ियां गुजरती थी। जो सड़क पहले बनाई गई थी वह भारी वाहन चलते खराब हो गई थी। इस मार्ग के लिए भारी वाहन प्रतिबंधित था पर कोई देखने वाला ना होने के चलते लगातार इस रास्ते से भारी वाहन गुजरते थे। और देखते-देखते सड़क पर से डामरही गायब होती गई और इस कदर दुर्दशा बढ़ गई थी कि बरसात में तो यह रास्ता पूरी तरह से गड्ढों से नजर आता है। बरसाती पानी भरा रहता था। जो हफ्ते दिन तक रास्ता ही नहीं दिखता। लोगों की गाड़ियां इस रास्ते से गुजरते समय पंचर हो जाया करती थी। पर अब एक उम्मीद जगी है कि चौड़ी करने से पर्याप्त जगह होगी और रास्ता भी बंद नहीं होगा।
