बड़ी खबर- 3 साल पहले बालोद जेल से फरार बंदी हुलिया बदलकर तीन राज्यों में घूमता रहा,बीच में दिवाली पर गांव आया, प्रेमिका को भी भगाया, राजस्थान में बनाया था ठिकाना, पुलिस ने ढूंढ निकाला



बालोद/ गुंडरदेही। गुंडरदेही थाना क्षेत्र के ग्राम गोरकापार से अपहरण, दुष्कर्म का एक आरोपी रोशन निर्मलकर जुलाई 2017 से बालोद उप जेल से फरार था। जिसकी तलाश वर्षों से की जा रही थी। पुलिस ने आखिरकार 3 साल बाद ही सही लेकिन आरोपी फरार बंदी को ढूंढ निकाला। वह राजस्थान के जोधपुर इलाके में हुलिया व नाम बदलकर रहता था। पूरे फिल्मी स्टाइल में आरोपी पुलिस से बचने का प्रयास करता रहा लेकिन कहते हैं ना कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं तो पुलिस उसे देश के किसी भी कोने में हो पकड़कर ही ले आई। वह इन 3 सालों में तीन अलग-अलग राज्यों में हुलिया बदलकर गुजर बसर करता रहा।

खास बात यह थी कि वह फरार होने के कुछ महीनों बाद हुलिया बदलकर दीपावली के समय बालोद भी आया था और एक गांव से अपनी प्रेमिका को शादी का प्रलोभन देकर बहला-फुसलाकर भगा ले गया और उसी प्रेमिका लड़की के साथ उसे पत्नी बनाकर राजस्थान में वर्तमान में रह रहा था।

दूसरों को ढूंढने निकली पुलिस और मिला यह

आरोपी रोशन निर्मलकर

रोशन निर्मलकर का लोकेशन लगातार ट्रेस किया जा रहा था। पुलिस द्वारा अन्य गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाकर तकनीकों का सहारा लेकर पता तलाशी की जा रही थी। राजस्थान व अन्य राज्यों में पुलिस अन्य गुमशुदा हुए लोगों की तलाश में कर रही थी, पता चला कि रोशन निर्मलकर भी इसी इलाके में छिपा हुआ है। पुलिस ने आरोपी को पकड़ा और उसे वापस जेल दाखिल किया। ज्ञात हो कि 17 जुलाई 2017 में उप जेल में सफाई के दौरान आरोपी प्रहरी को चकमा देकर जेल से फरार हो गया था। तब से लगातार जिले की पुलिस, जेल प्रबंधन व अन्य जिले की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। जो आज पकड़ में आ गया।

आरोपी को पकड़ने में इनकी रही भूमिका
ऑपरेशन मुस्कान के तहत जिले भर से गायब बच्चों व बड़ों को ढूंढने के लिए एक डीसीआरबी शाखा का गठन किया गया है। जिसमें एसपी व एएसपी के मार्गदर्शन में डीएसपी दिनेश कुमार सिन्हा के नेतृत्व में काम चल रहा है। इसके अंतर्गत घनाराम कुलदीप सहायक उपनिरीक्षक ,गोकर्ण भंडारी, प्रधान आरक्षक टोमेन्द्र कुंजाम व अन्य स्टाफ की टीम बनाई गई है। जो जिले के लंबित गुम इंसान की रिकॉर्ड निकालती है और उन्हें पता तलाश में स्थानीय थाने की मदद करती है। इस फरार बंदी को पकड़ने के लिए बालोद थाने के उपनिरीक्षक यामन देवांगन, प्रधान आरक्षक नर्मदा कोठारी, आरक्षक विवेक शाही व मनोज सरकार की टीम भेजी गई थी। जो मध्य प्रदेश के जिला सीहोर, भोपाल, राजस्थान राज्य के जिला झालावाड़, कोटा,उदयपुर, पाली व अन्य जगहों पर ढूंढते ढूंढते आरोपी को जोधपुर राजस्थान से पकड़ कर लाई है। जहां वह मिल्कमैन कॉलोनी में नाबालिग बालिका को अपनी पत्नी बनाकर किराए के मकान में रहता था। लड़की को भी उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।

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