DAILY BALOD NEWS

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Big News- नेवारीकला में ग्रामीणों ने आधी रात पकड़ा तांदुला नदी में एक चैन माउंटेन व 2 हाईवा, पंचायत की जानकारी के बगैर रेत निकालने पर दिनभर चला हंगामा, पुलिस ने जब की वाहनों की जब्ती तो टीआई से भी उलझ गए ग्रामीण, देखिए वीडियो व पूरी खबर

देखिए हंगामे भरी वीडियो

बालोद। बालोद ब्लॉक के ग्राम नेवारी कला में तांदुला नदी से रेत को आधी रात को निकाले जाने के मामले में रात से ही बवाल मच गया। दूसरे दिन यानी रविवार को सुबह 9:00 बजे से ही गांव में बैठक शुरू हो गई और इस तरह आधी रात को रेत निकासी को चोरी बताकर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। मामले की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम राम सिंह ठाकुर, टीआई गैंदसिंह गैंग से ठाकुर सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे ग्रामीणों द्वारा संबंधित ठेकेदार को बुलाने की जिद पर अड़े रहे लेकिन वह बाहर होने के कारण उनका असिस्टेंट जी एम शर्मा वहां पहुंचे। ग्रामीणों ने उनसे कई सवाल किए। उन्हें खनन की अनुमति दिखाने कहा गया। जीएम शर्मा का कहना था कि हमें खनिज विभाग से इजाजत मिली है। सभी दस्तावेज आपको संबंधित विभाग के जरिए ही पंचायत को प्राप्त हो जाएगी। ग्रामीण इस बात से नाराज थे कि अगर अनुमति भी है तो आखिर रात को खनन क्यों हो रहा है। रात को तो खनन नहीं कर सकते। उस पर चैन माउंटेन लगाया गया था। इसको लेकर ग्रामीण लगातार हंगामा करते रहे और ठेकेदार को घेरते रहे।

ग्रामीणों द्वारा पकड़ी गई चैन माउंटेन व हाईवा

ग्राम विकास को लेकर फंड देने की हुई थी बात अब तक नहीं दिया गया

ग्रामीणों द्वारा ठेकेदार पर सवाल उठाया गया कि पहले भी तो नदी से रेत निकासी की गई थी। उस समय संबंधित ठेकेदार द्वारा ग्राम विकास को लेकर फंड देने की बात कही गई थी। लेकिन सैकड़ो ट्रिप रेत निकाली गई, आज तक ग्राम विकास को लेकर ₹1 नहीं दिया गया। अब फिर से रेत निकासी कर बेतहाशा दोहन किया जा रहा है।। ग्रामीणों का कहना था रात में रेत निकाली जा रही है। उसमें रॉयल्टी का भी कोई हिसाब नहीं रहता, अगर अनुमति है तो नियम से जिन शर्तों को साथ अनुमति मिली है उन्हीं शर्तों के अधीन रेत निकाली जाए।

चैन माउंटेन के चालक ने लगाया मारपीट का आरोप
बैठक के दौरान चैन माउंटेन के चालक द्वारा गांव की कुछ युवाओं पर मारपीट का आरोप भी लगाया जा रहा था। जिस पर ग्रामीण नाराज हुए और यह कहकर हंगामा करने लगे कि अगर कोई चोरी करने घुसेगा तो मार नहीं खाएगा तो क्या करेगा। पहले तो इस हंगामे के दौरान पुलिस और प्रशासन ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करती रही कि इस पर संबंधित विभाग कार्रवाई करेगी। अगर अवैध तरीके से खनन हो रहा है तो खनिज विभाग सहित पुलिस कार्रवाई के लिए तैयार है लेकिन ग्रामीण इस बात पर अड़े रहे कि यह गांव का मामला है। गांव का रेत है इसलिए पहले ग्राम स्तर पर ही इस चोरी का फैसला होना चाहिए।टीआई ने समझाया कि गाड़ी को जबरदस्ती आप लोग नहीं रख सकते। अगर अवैध तरीके से रेत परिवहन हो रहा है तो हम इसकी जब्ती बनाएंगे। रविवार को सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक हंगामा चलता रहा। फिर तय हुआ की अगर संबंधित ठेकेदार व उनके कर्मचारी विभाग से मिली अनुमति व उनकी शर्तों का पालन करते हुए खनन करते हैं तो उन्हें काम करने की इजाजत दी जाएगी। लेकिन जब तक अधिकृत आदेश की कॉपी पंचायत प्रशासन को प्राप्त नहीं होती है, तब तक खनन बंद रखा जाएगा। तो वही चैन माउंटेन के खनन पर रोक लगाई जाएगी। इस पर ठेकेदार के स्टाफ ने सहमति दी। तब जाकर मामला शांत हुआ।

वाहन की जब्ती का विरोध करते रहे ग्रामीण

जब टीआई ने कहा कि इस तरह गाड़ियों को पकड़कर अपने पास नहीं रख सकते, इसे हम जब्ती बनाएंगे तो कुछ ग्रामीण बैठक के दौरान हंगामा करते हुए टी आई से ही उलझते दिखे और कहने लगे हम गाड़ी नहीं ले जाने देंगे। इसने चोरी की है इसका फैसला हम यही करेंगे। तो टीआई ने उन्हें समझाया कि पुलिस की कार्यवाही में व्यवधान ना डालें, अन्यथा आप लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। इस चेतावनी के बाद गाड़ी को पुलिस के हवाले कर आगे की कार्रवाई की गई।

बैठक के दौरान कई मर्तबा आपस में ही लड़ते दिखे ग्रामीण

सुबह 9 बजे से यह बैठक चल रही थी। गांव में बकायदा मुनादी हुई थी। हर घर से मुखिया यहां पहुंचे थे। तो वहीं पंचायत प्रतिनिधि भी बैठक में आए हुए थे। बैठक में जिस मुद्दे को लेकर ग्रामीण इकट्ठा हुए थे उसके अलावा अन्य कई मुद्दों पर बीच-बीच में चर्चा होती रही। वहीं कई मुद्दों पर ग्रामीण आपस में लड़ते दिखे। इस पर सुलह करवाने के लिए पहुंचे एसडीएम राम सिंह ठाकुर भी ग्रामीणों को बार-बार यह कहकर समझाते रहे कि हमें अपना काम करने दो। क्या कार्रवाई करनी है, क्या रास्ता निकालना है यह भी बताओ।लेकिन ग्रामीण एक दूसरे से ही उलझते दिखाई दे रहे थे। जिस पर प्रशासन के अधिकारी भी घंटों वहां बैठे रहे। दोपहर बाद स्थिति कुछ बदलती देखी। तत्काल में ग्रामीणों की शर्त ना मानने के बाद पुलिस प्रशासन ने वाहनों की जब्ती बनाई।

रात में गांव के युवक पहुंच गए थे रेत खदान, पकड़ कर चालक सहित गाड़ियों को गांव ले आए

जानकारी के मुताबिक यह बवाल आधी रात से मचा हुआ था। रात में 11 बजे के बाद गांव के कुछ लोगों को सूचना मिली कि नदी में कुछ लोग रात को भी रेत निकाल रहे हैं। इसकी जानकारी लगने के बाद गांव के 15 से 20 युवक खदान पहुंच गए और हाईवा चालकों को पकड़कर गांव ले आए। चैन माउंटेन को भी गांव तक लाया गया और रात से ही चालकों को बैठा कर रखा गया। दूसरे दिन ग्राम स्तर पर ही फैसला करने की बात को लेकर बैठक बुलाई गई और हंगामा चलता रहा। इसकी किसी के माध्यम से खबर मिलने पर पुलिस प्रशासन भी आ धमकी और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया।

खनिज अधिकारी ने कहा अनुमति तो मिली है देखते हैं आखिर ग्रामीण क्यों नाराज है

इधर जब हमने मामले में खनिज अधिकारी प्रवीण चंद्राकर से बात की तो उन्होंने कहा कि नेवारीकला रेत खदान को बाहर के ठेकेदार को लीज पर मिल गया है। शासन से इसके लिए आदेश जारी हो चुका है। कुछ दिन पहले ही इसे लीज पर दिया गया है। वहां अवैध तरीके से खनन नहीं हो रहा है। शिकायत तो मिली है कि ग्रामीणों ने ठेकेदार के लोगों व गाड़ियों को पकड़ लिया है, अब ग्रामीण किस बात से नाराज हैं इसकी जांच करवाई जा रही है।

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