EXCLUSIVE-हर जिले में होगा साइबर जागरूकता अभियान, पुलिस महानिदेशक ने सभी एसपी को पत्र लिखकर बालोद जिले के इस टीआई को बताया रोल मॉडल, साइबर लीड अधिकारी के रूप में होगी नियुक्ति, पढ़िए यह खबर



बालोद/ रायपुर। डीजीपी द्वारा लगातार छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों पर बढ़ते साइबर क्राइम को देखते हुए जागरूकता अभियान को और तेज करने कहा गया है। इसके लिए लगातार बैठकों का सिलसिला भी चल रहा है। तो वही रायपुर में अलग से इसके लिए जागरूकता रथ भी चलाई जा रही है। तो वहीं अब पुलिस महानिदेशक आरके विंज ने सभी एसपी को पत्र जारी कर के सभी जिलों में साइबर जागरूकता अभियान आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इस पत्र में सभी एसपी से कहा गया है कि जो निरीक्षक या उप निरीक्षक साइबर क्षेत्र में कार्यरत हैं। जो स्वयं से इस दिशा में अच्छी रुचि रखते हैं उन्हें चिन्हित करें। उन्होंने अपने लिखे पत्र में बालोद जिले के निरीक्षक रोहित मालेकर(गुंडरदेही थाना प्रभारी) का जिक्र करते हुए कहा है कि ऐसे पुलिसकर्मियों की पहचान कर उन्हें साइबर लीड अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाए और इस कार्यालय को सूचित किया जाए।  महानिदेशक आरके विंज का मानना है कि  ऐसे अभियान से हम प्रदेश में बढ़ते हुए साइबर अपराध की रोकथाम हेतु स्कूल कॉलेज के छात्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए साइबर अपराधों के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता लाने हेतु छात्रों को इस विषय में जागरूक करना वांछनीय हैं।

पुलिस महानिदेशक से सभी एसपी को आया पत्र

निर्देश पत्र में यह भी कहा गया है कि प्रत्येक अनुभाग में पदस्थ एसडीओपी, सीएसपी को निर्देशित करें कि साइबर लीड अधिकारी के नेतृत्व में प्रत्येक माह में कम से कम 2 कॉलेज और पांच स्कूल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाए। वर्तमान प्रदेश में कोविड-19 के मद्देनजर शैक्षणिक संस्थानों के बंद होने की स्थिति में ऑनलाइन ग्रुप बनाकर भी छात्रों को इस संबंध में जागरूक किया जा सकता है। प्रत्येक माह में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम का विवरण भी कार्यालय को प्रेषित करने कहा गया है। जनवरी 2021 से उपरोक्त के अतिरिक्त हर माह 5 पंचायत स्तर पर भी यही अभियान चलाया जाएगा।

4000 से ज्यादा लोगों को रोज भेजते हैं जागरूकता मैसेज

बता दें कि बालोद जिले के गुंडरदेही थाने में पदस्थ टीआई रोहित मालेकर 4000 से ज्यादा लोगों को रोज मोबाइल पर गुड मॉर्निंग की जगह जागरूकता वाले मैसेज भेजकर अभिवादन करते हैं। ज्यादातर उनका मैसेज ऑनलाइन ठगी पर होता है। वे बीच-बीच में लोगों को भारतीय कानून और उसकी प्रक्रिया की जानकारी देते हैं ताकि लोगों को कानून की जानकारी रहे। वे सोशल मीडिया में भी जागरूकता अभियान चला रहे हैं। देश-दुनिया में हुई ठगी की घटनाओं की जानकारी शेयर करते हैं और उससे जुड़े रोचक वीडियो भी पोस्ट करते हैं। पिछले करीब ढाई साल से टीआई मालेकर लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाने और जागरूक करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। वे 2008 बैच के अधिकारी हैं और रायपुर, दुर्ग में साइबर सेल के प्रभारी भी रह चुके हैं। करीब दो साल पहले उनका रायपुर से बालोद ट्रांसफर हुआ है।

ऐसे किए शुरुआत

उन्होंने बताया कि उनके पास रोज कई लोगों का गुड मॉर्निंग मैसेज आता है। कुछ अच्छी शायरी या 4 लाइन लिखकर भेजते हैं। उन्होंने सोचा क्यों न लोगों को कुछ काम की चीज भेजी जाए जिससे उन्हें कुछ जानकारी भी मिले और उनका बचाव भी हो सके। वे रायपुर-दुर्ग समेत कई बड़े शहरों में साइबर सेल में काम कर चुके हैं। उन्होंने देखा कि पढ़े-लिखे लोग भी ठगी का शिकार हो रहे हैं। कई लोग अपने पत्नी-बच्चों को बैंक की जानकारी तक नहीं शेयर करते, वे अनजान व्यक्ति को जानकारी देकर ठगी का शिकार हो रहे हैं। लोगों की छोटी-छोटी लापरवाही से बड़ा नुकसान हो रहा है। इसलिए उन्होंने ऑनलाइन ठगी को लेकर जागरूकता अभियान शुरू किया।

नारायणपुर से लेकर रायगढ़ के लोगों को मोबाइल पर रोज भेज रहे मैसेज

टीआई मालेकर ने गुंडरदेही के 450 लोगों का वाट्सएप ब्रॉडकास्ट में ग्रुप बनाया है, जिसमें लोगों को सिंगल-सिंगल मैसेज जाता है। वे जहां-जहां पोस्टिंग में रहे, वहां के लोगों के साथ ग्रुप में जुड़े हुए हैं। उन ग्रुप में रोज मैसेज करते हैं। वे नारायणपुर, बस्तर से लेकर रायगढ़, दुर्ग, रायपुर, बालोद समेत कई जगह पर नौकरी कर चुके हैं। सभी जगह के वाट्सएप ग्रुप में जुड़े हुए हैं। वे फेसबुक और इंस्टाग्राम में भी मैसेज पोस्ट करते हैं।

रात में ही टाइप करते हैं मैसेज

टीआई मालेकर ने बताया कि वे एक दिन पहले रात में सोने के पहले मैसेज टाइप कर लेते हैं। वे रात में ही सोच कर चलते हैं कि किस विषय पर मैसेज करना है। वे अब तक एटीएम अपडेट का झांसा, आधार कार्ड लिंक, बीमा का पैसा लौटाने, ऑनलाइन गेम्स के माध्यम से ठगी जैसे कई अपराधो की जानकारी शेयर कर चुके हैं। वे पहले घटना का तरीका बताते हैं, फिर बचाव का उपाय बताते हैं ताकि लोग ठगों के झांसे में न आ सकें। गिरफ्तारी क्या है, इसके क्या नियम हैं इसकी भी जानकारी वे दे चुके हैं। कई लोग उनके मैसेज से सचेत होकर साइबर ठगी का शिकार होने से भी बचे हैं.

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