मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहले कांग्रेसी हैं बाद में किसान,,, केंद्र और राज्य में सरकार चाहे किसी पार्टी की हो किसान संगठन की भूमिका हमेशा विपक्ष की होती है,,, किसान दलों और समाजों में बंटे हैं इसलिये सरकारें उनकी फूट का लाभ उठाने में होते है कामयाब



बालोद । छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन का बालोद ब्लाक स्तरीय सम्मेलन ग्राम लाटाबोड़ में संपन्न हुआ। सम्मेलन में उपस्थित किसानों को छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के एड. राजकुमार गुप्त, आई के वर्मा, झबेंद्र भूषण वैष्णव, बाबूलाल साहू, छत्तीसगढ़ श्रमिक मंच के सहदेव साहू, दल्ली राजहरा नपा के उपाध्यक्ष संतोष देवांगन और प्रफुल्ल बैस ने संबोधित किया।

किसानों को संबोधित करते हुए राजकुमार गुप्त ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्राथमिकता में पहले कांग्रेस है किसान नहीं, इसी प्रकार प्रदेश के सभी किसान जाति समाज या दलों के रूप में बंटे हुए हैं, इसलिये शोषण, अन्याय और अत्याचार के खिलाफ उस प्रकार से संघर्ष नहीं कर सकते जिस प्रकार कर्मचारी, श्रमिक और व्यापारी करते हैं। किसानों के इसी आपसी फूट का सरकारें अनुचित लाभ उठाती है, सरकार चाहे किसी भी पार्टी की हो किसान संगठन को हमेशा विपक्ष की भूमिका निभाना पड़ता है,

सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की बघेल सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दोनों सरकारें किसानों को झांसा देने में आपस में प्रतिस्पर्धा कर रही है केंद्र ने तीन कृषि कानून बनाये हैं जिससे किसानों को कोई फायदा नहीं होगा इसी प्रकार किसानों के हितों की रक्षा करने के नाम पर राज्य सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र में मंडी अधिनियम में 7 संशोधन किया है इससे किसानों का नहीं बल्कि सरकार को राजस्व का लाभ होगा, जब कृषि उपजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी नहीं होगी, किसानों की आर्थिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हो सकता। केंद्र और राज्य सरकारें न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने के लिये तैयार ही नहीं है, वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे दावा करते हैं कि सरकार नें लागत पर 50% लाभ जोड़कर समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। सरकार का यह दावा किसानों से झांसे के अलावा कुछ नहीं है, राज्य सरकार भी किसानों से वायदा खिलाफी करने में पीछे नहीं है, दो साल का बकाया बोनस देने और समर्थन मूल्य में चना गेहूं खरीदने का चुनावी वायदा सरकार ने दो साल में पूरा नहीं किया है, राजीव गांधी किसान न्याय योजना से किसानों को तब तक न्याय नहीं मिलेगा, जब तक सभी किसानों को योजना में शामिल नहीं किया जायेगा। वक्ताओं ने किसानों से छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के नेतृत्व में 26 नवंबर को रायपुर में राजभवन में शामिल होने की अपील किया।

सम्मेलन में संगठन के बालोद जिला अध्यक्ष हुकूमलाल साहू, गुंडरदेही ब्लाक अध्यक्ष ताम्रध्वज साहू, चंद्रहास चंद्राकर सहित सैकड़ों किसान उपस्थित थे ।

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