दल्लीराजहरा। विगत दिनों कुसुमकसा आगमन के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आदिवासी कन्या आश्रम कुसुमकसा मे बच्चों से मिले। आगमन की सूचना पाते ही आदिवासी विकास विभाग के द्वारा उनके स्वागत की पुरी तैयारी कर ली गई थी। बच्चे मुख्यमंत्री से रूबरू होने के लिए काफी उत्सुक थे। यूं तो सभी उनको केवल तस्वीर में ही देखे थे पर आमने -सामने मुलाक़ात कर बच्चे काफी खुश नजर आए। स्थानीय वेशभूषा में तैयार होकर आश्रम के बच्चो, शिक्षकों एवं छात्रावास अधीक्षिका अंजली मंडावी ने गेट में ही मुख्यमंत्री श्री बघेल, विधायक अनिला भेड़िया , जिलाधीश डॉ.गौरव कुमार सिंह को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया । सीएम हॉल में बैठे बच्चों से स्थानीय भाषा में ही बातचीत करते हुए उनका हालचाल पूछा,आश्रम उनको कैसा लगता है?, मम्मी-पापा क्या करते हैं?, मिलने कब आते हैं? उन्होंने पहली कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची खुशबु को अपनी गोद में उठा लिया और बड़े प्यार से पूछने लगे –
मुख्यमंत्री – तोर का नाम हे?
छात्रा – खुशबु।
तोर पापा के का नाम हे?
छात्रा – गोवर्धन।
मुख्यमंत्री – पापा आथे त का लानथे?
छात्रा – बिस्कुट।
मुख्यमंत्री – त बिस्कुट ल एक्के झन खाथस ते संगवारी ल घलो ?
छात्रा -देथों।
सीएम ने बच्चों से काफी देर तक बातचीत किए । फिर बच्चों को कॉपी,पेन कम्पास बॉक्स ट्रैक शूट , खेल सामग्री आदि प्रदान किए। बच्चों ने अपनी समस्या रखते हुए मुख्यमंत्री से दो चीजों की मांग की । पहला नए आश्रम की मांग। चूंकि आश्रम जर्जर हो चुका है 50 साल पुराना भवन होने के कारण पानी टपकना, दरारें ,प्लास्टर गिरने जैसा खतरा बना रहता है। दूसरा -शिक्षक की कमी दूर करना। सीएम ने उनकी मांगो को स्वीकारा और आश्वासन दिया। अंत में बच्चों ने उनको फिर से मिलने आने का न्योता दिया।छात्रावास अधीक्षिका अंजली मंडावी द्वारा पूरे आश्रम की तरफ से उन्हें छत्तीसगढ़ी व्यंजन ठेठरी, खुरमी ,अरसा भेंट स्वरुप दिया। कार्यक्रम में सहायक आयुक्त के.एस. मसराम आदिवासी विकास विभाग , योगेंद्रकुमार मंडावी अधीक्षक कुसुमकसा, संतोषी ध्रुव अधीक्षिका चिखलाकसा, धारिणी सोरी अधीक्षिका डोंडी, श्रीमती रंगारी , महाजन, श्री टेकाम , श्री भट्टाचार्य, आशा साहू, स्टॉफ नर्स हेमा , कृति मंडावी गार्ड उपस्थित रहे।

