बालोद। भेंट मुलाकात कार्यक्रम के तहत बालोद जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री का आगमन होना है। 20 सितंबर को बालोद ब्लॉक के जगन्नाथपुर( सांकरा) में मुख्यमंत्री का आगमन प्रस्तावित है। जिसकी तैयारी जोर शोर से गांव में चल रही है। सांकरा के मैदान में हेलीपेड बनाया जा रहा है तो वही जगन्नाथपुर में मंच स्थल बन रहा है। पंडाल लगाने की तैयारी चल रही है। सुबह से देर रात तक प्रशासनिक अमला तैयारी में जुटा हुआ है। तो वहीं ग्रामीणों में भी एक आस जगी है कि मुख्यमंत्री आ रहे हैं तो उनकी वर्षों पुरानी समस्याएं दूर हो जाएगी। इस गांव के युवाओं का प्रमुख मुद्दा कॉलेज की मांग है। जिसके लिए वे वर्षों से इंतजार कर रहे हैं। कालेज की मांग को लेकर ग्रामीण हमेशा छले जा रहे हैं। अब तक देखा गया है कि जो भी विधायक बने हैं उन्होंने अपने क्षेत्र में कालेज खुलवाया है। हालांकि वर्तमान विधायक संगीता सिन्हा इस दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रही है। उनके द्वारा भी शासन को यहां कॉलेज खोलने के लिए प्रस्ताव प्रेषित किया गया है।
एक बार भूमिपूजन के बाद भी नही खुला कॉलेज
जब विधायक स्व मदन साहू थे तब यहां कॉलेज के लिए भूमि पूजन भी हो चुका था। लेकिन कई तरह की राजनीति के चलते यहां कालेज खुल ही नहीं पाया। एक बार फिर मुद्दा गरमाया हुआ है। क्षेत्र में एक भी कॉलेज नहीं है। यहां के युवा लंबा सफर तय करके बस आदि से बालोद जिला मुख्यालय पढ़ने जाते हैं। छात्राओं को काफी दिक्कत होती है। कई युवा इसी समस्या के चलते आगे की पढ़ाई नही कर पाते। मुख्यमंत्री आ रहे हैं तो कॉलेज की घोषणा कर सकते हैं ऐसी आस है। राजीव युवा मितान क्लब के अध्यक्ष गुणेश्वर देशमुख ने कहा कि युवाओं के साथ मिलकर सीएम से मांग करेंगे। सरपंच अरुण साहू ने कहा हम भी कालेज का मुद्दा प्रमुखता से उठाएंगे।
सांकरा ज में खुले अंग्रेजी माध्यम का आत्मानंद स्कूल
इसी तरह सांकरा की सरपंच वारुणी देशमुख ने कहा कि गांव का हायर सेकेंडरी स्कूल काफी जर्जर हो चुका है। भवन पुराना है। नया भवन की मांग रखी जाएगी। तो वही इंग्लिश मीडियम आत्मानंद स्कूल की मांग करेंगे। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है जिसके उन्नयन की मांग की जाएगी। ताकि यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ मिले और केस को रेफर करने की जरूरत ना पड़े। डॉक्टर व स्टाफ बढ़ाया जाए ताकि स्वास्थ्य की सुविधा में वृद्धि हो। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सांकरा ज वर्षों पुराना है। लेकिन इसका यहां सुविधाएं कम है। जिसे बढ़ाया जाए। यह तभी हो सकता है जब यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बने।
शिव मंदिर व आसपास को पर्यटन क्षेत्र में बदलने की मांग
गांव में राज्य सरकार द्वारा संरक्षित स्मारक के रूप में घुमका मार्ग पर जगन्नाथपुर के बांध में देउर घाट शिव मंदिर है। जो पुरातत्व द्वारा संरक्षित है। लेकिन यह देखरेख के अभाव में जीर्ण शीर्ण हो रहा है। पंचायत प्रशासन द्वारा आसपास कुछ कुछ कार्य सुंदरीकरण के हो रहे हैं। दानदाताओं की मदद से विशाल शंकर भगवान की प्रतिमा की स्थापना भी की जानी है। तैयारी चल रही है। ऐसे में ग्रामीणों व पंचायत प्रतिनिधियों का एक प्रमुख मांग इस इलाके को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का भी है। ताकि इस जगह को एक नई पहचान मिल सके। जिस तरह पुरातात्विक स्थल कुकुर देव मंदिर मालीघोरी है। उसी तरह छत्तीसगढ़ के पर्यटन नक्शे में इस प्राचीन शिव मंदिर को भी स्थान दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान इस मंदिर में पूजा अर्चना करवाने की तैयारी चल रही है ।
घुमका में बनना चाहिए ओवर ब्रिज, चौड़ीकरण का कार्य भी शेष
इसी तरह बालोद अर्जुंदा मार्ग पर आज भी चौड़ीकरण का कार्य अधूरा है। पहले चरण में अर्जुंदा से घुमका तक ही कार्य हुआ। उसके बाद आगे सड़क नहीं बन पाई है। आज भी उबड़ खाबड़ रोड से लोगों को जाना पड़ता है। तो घुमका के जुझारा नाला में बाढ़ से रास्ता बंद हो जाता है। वहां ओवरब्रिज की बहुत जरूरत है। तो घुमका से जुंगेरा तक शेष सड़क का चौड़ीकरण जरूरी है। आसपास परसदा व दरबारी नवागांव मार्ग भी बदहाल है।
