8 नक्सलियों को मार गिराने वाले बालोद जिले के जितेन्द्र का किया सीएम ने सम्मान, पत्नी व पिता बोले पहले होती फ़िक्र, अब फक्र



जितेंद्र साहू दंतेवाड़ा के फरसपाल में हैं पदस्थ, 2018 में 8 नक्सलियों को मार गिराने की बहादुरी के लिए दिया गया ये सम्मान 

बालोद| नक्सलियों से लोहा लेकर उन्हें मार गिराने वाले बहादुर पुलिस निरीक्षक जितेन्द्र साहू को स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व राज्यपाल अनुसुइया उइके ने राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया इस दौरान इस सम्मान कार्यक्रम का साक्षी बनने के गृह ग्राम सनौद से भी उनके परिवार वाले रायपुर पहुंचे थे बता दें कि  गुरुर ब्लॉक के ग्राम सनौद  के रहने वाले थाना प्रभारी जितेंद्र साहू को वर्तमान में वे फरसपाल जिला दंतेवाड़ा थाने में निरीक्षक के तौर पर पदस्थ हैं। ये  सम्मान उन्हें 2018 में चलाए गए नक्सल ऑपरेशन की बहादुरी के लिए दिया गया। जिसमें उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर 8 नक्सलियों को मार गिराया था। कई साल से जितेंद्र साहू नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। अपना अनुभव साझा करते हुए उन्होंने नईदुनिया को बताया ग्रामीणों में नक्सलियों का खौफ दूर करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। कई बार जंगल में जान जोखिम में डालकर निकलते हैं। नक्सली कब कहां से हमला करते हैं, इसका ठिकाना नहीं रहता है। इसलिए कर कदम चौकन्ना रहना पड़ता है। 

मेरे परिवार वालों का साथ भी मिलता है। जो मुझे इस काम के लिए हिम्मत देते हैं। गांव में खेती किसानी करने वाले उनके पिता सनक राम साहू व माता पेमिन बाई भी बेटे के सम्मान कार्यक्रम का हिस्सा बनी। उन्होंने कहा मुझे आज बहुत ख़ुशी है। देश  की सेवा करने वाले ऐसे बहादुर बेटों को सलाम है। उन्हें अपने बेटे की फ़िक्र तो रहती है लेकिन जब इस तरह बेटे का सम्मान हुआ तो उन्हें फक्र भी हुआ। पत्नी खुशबू भी इस आयोजन में पहुंची थी। उन्होंने कहा मैं तो छोटे बेटे की पढ़ाई की वजह से भिलाई में रहती हूं। लेकिन हमेशा उनकी फ़िक्र लगी रहती थी। रोज उनसे मोबाइल पर बात करती हूं तब चैन आता है। लेकिन आज पति को राष्ट्रपति पदक मिलने से फक्र महसूस हुआ। मुझे भी एक बहादुर पुलिस अधिकारी की पत्नी होने पर गर्व है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी बहादुर पुलिस अधिकारियों का हौसला बढ़ाया और आगे भी इसी जज्बे के साथ काम करने की बात कही। जाबाज जितेन्द्र साहू पिछले 6 साल से  दंतेवाड़ा में कार्यरत हैं। गांव में भी वे युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने 12वीं तक की शिक्षा सनौद हाई स्कूल में की और कॉलेज धमतरी से किया है। जिसके बाद उन्होंने मेहनत और लगन से आगे बढ़ते हुए सब इंस्पेक्टर पर चयनित हुए। 2013 से वे पुलिस सेवा में है।

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