एक दिवाली ऐसी भी- कोई बच्चा ना छूटे दिवाली मनाने से इसलिए यह युवा चला रहे हैं अनूठा अभियान



यह सब देते हैं बच्चों को

बालोद। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरने का एक अनूठा अभियान बालोद शहर के युवा चला रहे हैं। इस अभियान की शुरुआत विगत वर्ष से की गई है। हर साल की तरह इस साल भी इस समूह के युवा गरीब बस्ती में पहुंचे। जहां उन बच्चों को पटाखा पेन सहित अन्य सामान्य दी गई। कई बच्चों को जूता मोजा तक भी दिया गया। इस तरह से युवा उन जरूरतमंद बच्चों की मदद करके उनकी दिवाली हैप्पी बनाते हैं।

जरूरतमंद बच्चे को दिवाली का तोहफा देते हुए

प्रत्येक वर्ष शीतला साई धाम के सदस्यों द्वारा दीपावली अलग तरीके से मनाई जाती है। जहां मन्दिर सदस्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के घर जाकर उन्हें कॉपी, पेन, पुस्तक, पटाखें, मास्क, दिया और नारियल का सेट बनाकर घर घर बांटा जाता है।

सदस्य कहते है कि दीपावली पर बच्चे बेसब्री से हमारा इंतज़ार करते रहते है। और हम जाकर उनके चेहरों पर मुस्कान ला देते है।

कोई भी बच्चा दीपावली पर पटाखों से क्यों वंचित रहे, ऐसी सोंच के साथ लक्ष्मीपूजा के दिन बड़ी संख्या में निकल पड़ते हैं।

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