बालोद। विगत दिनों हमने गुंडरदेही ब्लाक के ग्राम कचांदुर में बंद पड़े दिव्यांगों के आवासीय स्कूल के संबंध में खबर प्रकाशित की थी। जिसमें उल्लेख था कि लगभग 2 माह पूर्व तहसील स्तरीय करमा महोत्सव के दौरान विधायक कुंवर सिंह निषाद की विशेष मांग पर मुख्यमंत्री द्वारा स्कूल को खोलने और समाज कल्याण विभाग के जरिए संचालित करने की घोषणा की गई थी। लेकिन घोषणा पर अमल नहीं हो पाया था। नया सत्र शुरू होने के बाद भी इस दिशा में प्रयास धीमा दिख रहा था। जिसको लेकर हमने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर के बाद समाज कल्याण विभाग ने काम में तेजी लाई और इसी हफ्ते 5 जुलाई को स्कूल के उद्घाटन की तैयारी की जा रही है। संसदीय सचिव व विधायक निषाद के मुख्य आतिथ्य में स्कूल को शुरू करने की तैयारी है। जिसको लेकर संबंधित विभाग के अधिकारी कर्मचारी स्कूल का ताला खुलवा कर यहां कर्मचारियों से साफ सफाई में लग गए हैं। लगभग 2 से 3 साल तक लगातार यहां ताला लटका हुआ था। स्टेशनरी सहित सामान धूल खाते पड़े हुए हैं। अब नए सिरे से स्कूल शुरू किया जा रहा है। जिससे दिव्यांगों में भी एक आस जगी है कि उन्हें अब दूसरे जिले में जाना नहीं पड़ेगा और उनकी पढ़ाई भी नहीं रुकेगी। यहां आठ से 12 बच्चे दर्ज हैं जो कि स्कूल बंद होने से अपने गांव के स्थानीय सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन वहां उन्हें वह सुविधा नहीं मिलती जो दृष्टिबाधित या मूक बधिर बच्चों को मिलनी चाहिए। उन्हीं के लिए ही यह विशेष आवासीय स्कूल कचांदूर में चल रहा था ।लेकिन फंड के अभाव में लगातार इसका संचालन डगमगा रहा था। स्थिति यह थी कि इसे जनसहयोग से भी चलाना पड़ा था लेकिन धीरे-धीरे जन सहयोग में भी कमी होने से यहां ताला लटक गया था। यह आवासीय स्कूल गुंडरदेही सहित जिले की विशेष पहचान थी। जहां दिव्यांग अपना हुनर दिखाते थे और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खेलो और विभिन्न गतिविधियों में आगे रहते थे। इसे देखते हुए थे विधायक ने इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मांग रखी थी। जिस पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी। अब 5 जुलाई को स्कूल खोलने की तैयारी चल रही है। समाज कल्याण विभाग के अफसरों ने बताया कि शासन से स्वीकृति प्राप्त हो गई है। काम शुरू कर दिया गया है।
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