बालोद। पुलिस के द्वारा पेश अभियोग पत्र के अनुसार कुसुमकसा निवासी आरोपी के द्वारा मृत पीड़िता से बात करने के लिए मोबाइल और सिम दिया था, इसी आधार पर 24 मई 2018 को मिलने खंडहर में रात्रि 8 बजे बुला कर उसके इच्छा के विरुद्ध बलात्कार किया, जिससे अपमानित हो कर पीड़िता ने उसी खंडहर में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली थी। पीड़िता देर रात तक वापस घर नही आई तो उसके घर वाले उसे खोजते हुए उसी खंडहर गए। जहां पीड़िता का शव फांसी में झूलते हुए पाई गई। पुलिस थाना मंगचुआ के द्वारा पीएम कराने पर पीड़िता से बलात्कार होने की पुष्टि हुआ। घटना स्थल पर मोबाइल का सिम और बटन मिला था जो आरोपी के नाम पर पंजीकृत था।, इस कारण से आरोपी के विरुद्ध जांच कर विशेष न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट में अंतिम अभियोग पत्र धारा 366, 376, 306 आईपीसी व पोस्को की धारा 3, 4 के तहत पेश किया गया था। आरोपी के अधिवक्ता के द्वारा लगाए गए उक्त आरोप का न्यायसंगत बचाव करते हुए विधिनुसार तर्क पेश कर दोषमुक्त करने का निवेदन किया था। जिस पर न्यायाधीश मुकेश कुमार पात्रे के द्वारा आरोप प्रमाणित नही होना मान कर दोषमुत करने का निर्णय पारित किया है। आरोपी के गांव व परिवार और मित्रों के द्वारा उक्त निर्णय को कानून की जीत बता कर अधिवक्ता को शुभकामना दिए।
प्रमाणित नहीं हो पाया दुष्कर्म का आरोप इसलिए जज ने आरोपी को किया दोषमुक्त, मंगचुआ थाने का मामला
