इस क्लास में होता है हर बच्चे के लिए अपना ब्लैकबोर्ड, देखिये कैसे गुरुर ब्लॉक के स्कूलों में चल रही रोचक अंदाज में पढ़ाई



बालोद/गुुरूर। कलेक्टर जनमेजय महोबे के मार्गदर्शन में जिले के शासकीय शालाओं के शिक्षकों द्वारा स्वेच्छा से ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ के तहत् लगातार ऑनलाईन एवं ऑफलाईन शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा हैं। जिला मिशन समन्वयक पी.सी. मरकले ने बताया कि ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ के तहत् ऑफलाईन पढ़ाई जिले के सभी विकासखण्डों में संचालित है। उन्होंने बताया कि गुरूर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम गंगोरीपार, सांगली, कोसागोंदी में नवाचारी शिक्षा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि शासकीय प्राथमिक शाला गंगोरीपार में प्रधान पाठक नेमसिंह कौशिक के नेतृत्व में शिक्षकों द्वारा स्वेच्छा एवं स्वप्रेरणा से कोविड-19 से बचाव हेतु शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए समुदाय की सहभागिता से नवाचारी शिक्षा दिया जा रहा है। शिक्षकों द्वारा ग्राम के सामुदायिक भवन में प्रत्येक बच्चों के लिए सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए दिवाल में कलर पेंट के माध्यम से बोर्ड बनाया गया है। बच्चों द्वारा कक्षा कार्य के समय इस बोर्ड का उपयोग किया जाता है। शिक्षकों द्वारा दिए गए कक्षा कार्यां को बच्चे इस बोर्ड में हल करते हैं, जिसका मूल्यांकन शिक्षकों व समुदाय द्वारा किया जाता है।

इस नवाचारी विधि से बच्चे बहुत ही उत्सुकतापूर्वक पढ़ाई में रूचि ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि विकासखण्ड डौण्डी अंतर्गत प्राथमिक शाला, उच्च प्राथमिक शाला धुरवाटोला, गिधाली में भी उक्त विधि के माध्यम से पढ़ाई संचालित हो रही है। उन्होंने बताया कि सभी बच्चे मास्क पहनकर आते हैं, आने के बाद साबुन से हाथ धोते है व फिजिकल डिस्टेंस का पालन करते हुए पढ़ाई करते हैं। बीच-बीच में बच्चों के द्वारा हाथों को सेनेटाइज किया जाता है।

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