कहने को तो नाम हैं इनके नंदकिशोर और भगवान, पर हरकत थे हैवान वाली इसलिए बालोद के जज ने सुनाई 20 साल की सश्रम कारावास की सजा



16 साल की लड़की से दो युवकों ने खेत ले जाकर किया था दुष्कर्म, दल्ली थाना का था मामला

बालोद। कहतें है इन्सान को कभी-कभी अपने नाम के मुताबिक भी काम करना चाहिए ताकि उनकी अलग पहचान हो । लेकिन इस दुनिया में कुछ ऐसे भी हैं जो नाम के विपरीत अपनी हरकतों से हैवानियत को भी पार कर देते हैं । ऐसे ही एक घटना में नन्द किशोर व भगवान नाम के दो युवकों को बालोद के जज ने दुष्कर्म व पोक्सो एक्ट में 20 साल के सश्रम कारावास से दण्डित किया है । क्योंकि उनकी हरकत ही हैवान से कम नहीं थी । महज 16 साल की एक लडकी को रात में रस्ते से उठाकर इन दो दरिंदो ने खेत में ले जाकर घिनौना काम किया था । उस पर धमकी भी दी थी कि किसी को बताए तो जिन्दा नहीं छोड़ेंगे और किसी को लाश भी नहीं मिलेगी । घटना वैसे तो 2018 के बीतते महीने की है । अब जाकर मामले में कोर्ट ने दोनों आरोपियों को सजा सुनाई है । मुकेश कुमार पात्रे विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बालोद के न्यायालय द्वारा आरोपी नंदकिशोर उर्फ नंदू पटेल पिता रोहित पटेल, उम्र 21 वर्ष, भगवान सिंह गोंड पिता बहुर सिंह गोड़, उम्र 23 वर्ष को भारतीय दंड संहिता की धारा 341 के अपराध में एक-एक माह का सश्रम कारावास व 500 रूपये अर्थदण्ड तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) (घ) के अपराध में बीस-बीस वर्ष का सश्रम कारावास व 2,000 /- 2000 /- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। प्रकरण विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो), छन्नू लाल साहू के अनुसार अभियोगी / सूचनाकर्ता पीड़िता के पिता थाना राजहरा में आकर रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसके घर का बिजली बिल न पटने के कारण उसके घर का लाईट कट गया था, जिसके कारण वे लोग चार्जिंग करने पड़ोस में जाते थे। उसकी नाबालिक 16 वर्ष घटना दिनांक 8 दिसम्बर 2018 के शाम 6 बजे पड़ोसी मानिक के यहां मोबाईल लेकर वापस आ रही थी उसी समय साजा पेड़ के पास आरोपी नंदकिशोर उर्फ नंदू पटेल एवं आरोपी भगवान सिंह गोड़ जो पीछे से आकर पीड़िता के मुंह को दबाकर अपने कंधे में उठाकर खेत में ले गया तथा दोनों बारी-बारी से जबरदस्ती बलात्कार किया, जब वह रोने चिल्लाने लगी तो दोनों उसे हाथ मुक्का से मारपीट कर गाली गलौच दिये और फिर दोनों उसे खेत तरफ छोड़कर भाग गये और धमकी दिये कि अगर यह बात किसी को बताओगी तो जान से मारकर फेंक देंगे और किसी को तुम्हारी लाश भी नहीं मिलेगी, फिर वह अकेली अपने घर आई थी। पीड़िता के पिता के मौखिक रिपोर्ट के आधार पर आरक्षी केन्द्र राजहरा में निरीक्षक पद्मा जगत द्वारा आरोपी नंदकिशोर उर्फ नंदू पटेल और भगवान सिंह गोंड़ के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया। उ.नि. मनीष नेताम द्वारा प्रकरण विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। जहां विचारण न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

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