एनटीसीएफ ने किया ऑनलाइन आयोजन, चलिए इस धरती को रहने योग्य बनाए, सभी मिलकर विश्व पर्यावरण दिवस मनाए



बालोद। एनटीसीएफ के द्वारा पर्यावरण दिवस पर संगोष्ठी का ऑनलाइन आयोजन किया गया। जिसमें आयोजन का थीम था कि चलिए इस धरती को रहने योग्य बनाए, सभी मिलकर विश्व पर्यावरण दिवस मनाए। पर्यावरण संगोष्ठी के अतिथि श्रीमती सपना सोनी, व्याख्याता शा उ मा वि जेवरासिरसा दुर्ग
नेशनल टीचर अवार्डी थी।


एक टीचर के लिए बच्चे ही सब से बड़ा माध्यम होता हैं हर कार्य के क्रियान्वयन का श्रीमती सोनी ने सभी टीचर को बताया कि किस तरह से अपने खगोल और विज्ञान लैब का उपयोग वो बच्चो को सक्रिय एवं जागरूक रखने करती हैं। आयोजन में डॉ अनिल कुमार प्रधान
व्याख्याता शा उ मा वि तिरेसिंघा सरायपाली,महासमुंद भी थे। जो गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड 15 डिग्री के साथ शिक्षा विभाग में कार्य करने का और बहुत सारे बुक एवं शोध पत्रों का प्रकाशन उनके द्वारा हुआ है। उन्होंने प्यारी कविता “वर्षों से प्रदूषित वसुंधरा को रक्षा हेतु पड़ा है जोश” से पर्यावरण संरक्षण के लिए बहुत से सराहनीय कदम बताया। अरुण कुमार साहू प्राचार्य , आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय बालोद एवं अध्यक्ष एनटीसीएफ़ , ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा
पर्यावरण एक चिंतनीय एवं बहुत ही गहन विषय है। जिसके संरक्षण एवं संवर्धन पर विचार कर उचित कार्ययोजना की जरूरत है। विभिन्न जिले एवं राज्य से शिक्षकों ने अपने विचार एवं प्रस्तुतियां दी। प्रस्तुतियों में वंदिता शर्मा रुख ल लगा के संगी, श्रीमती प्रीति रानी तिवारी ने स्वागत गीत के साथ पर्यावरण जागरूकता के साथ कार्बन क्रेडिट कैम्पेन 2022 पर पटल पर उपस्थित सभी शिक्षक को संकल्प दिलवाया तथा सभी को इस कैंपेन के लिए सहभागिता के लिए सहमति दिलवाई। यशवंत चौधरी ने पेड़ पौधों के संवर्धन के दर्द, श्रद्धा शर्मा ने आओ हम सब मिलकर इसका,,,,, मीनाक्षी सोनी
सहभागिता की भावना जन जन,श्रीमती सोनिया धुव
पर्यावरण संरक्षण पर बल, भबानी बाई वर्तमान समय में जरूरी टॉपिक बताकर कार्यक्रम को सफल बताया। कादम्बिनी यादव पेड़ है साँसे,पेड़ है जीवन पेड़ो की रखवाली हो की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम प्रभारी एवं सफल संचालन श्रीमती कादम्बिनी यादव
ने किया। जिन्होंने सबको एक सूत्र में बांध कर अभिव्यक्ति का मौका दिया। मनीषा सोनी, चित्रमाला राठी एवं अन्य सदस्य कार्यक्रम में शामिल रहें। टीम द्वारा सभी को विश्व पर्यावरण दिवस पर एक पेड़ की सम्पूर्ण जवाबदेही लेने हेतु प्रोत्साहित किया गया। नावल टीचर्स क्रियेटिव फाउंडेशन के सदस्यों के द्वारा पर्यावरण संरक्षण दिवस के अवसर पर पर्यावरण गीत हसदेव के जंगल झन काटव संगी एवं माटी बचाबो की आडियो रिकार्डिंग का विमोचन किया गया। पर्यावरण के प्रति समर्पित इन गीतों में मुख्य स्वर संयोजन अरुण कुमार साहू , मुनमुन सिन्हा एवं लक्ष्मी राठी ने दिया है।

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