बालोद। उत्तर प्रदेश के हाथरस थाना क्षेत्र में बहुजन समाज की एक बेटी के साथ गैंगरेप और हत्या की घटना से अब बालोद जिला भी उबलने लगा है। इसकी आग बालोद जिले तक भी पहुंच गई है और इस घटना के विरोध में अपने समाज की बेटी को न्याय दिलाने के लिए महार समाज भी आगे आ गया है। गुरुवार को इस समाज के पदाधिकारियों ने कलेक्टर जन्मेजय महोबे के जरिए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर दलित युवती के साथ गैंगरेप और हत्या करने वाले आरोपियों को फांसी देने की मांग की गई। समाज के जुड़े हुए जीवन कोटेन्द्र, संजीव वर्मा, सन्तराम आसनिक, तामेश्वर कौशल, कृष्णा कौमार्य, देवेन्द्र सहारे, द्वारका कश्यप अशोक कुमार पटेल ने कहा कि 14 सितंबर को हाथरस चपदा थाना क्षेत्र में बहुजन समाज की बेटी जो अपने खेत में काम कर रही थी, उसके साथ गांव के स्वर्ण वर्ग के लड़कों ने गैंगरेप किया। हैवानियत से उनके हाथ पैर और रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई और गला दबाकर उसकी जुबान काट दी गई। घायल कर उसे नग्न अवस्था में छोड़ दिया गया था। जो जिंदगी और मौत से जूझ रही थी और फिर दिल्ली के सफ़दरगंज अस्पताल में 29 सितंबर को उसकी मौत हो गई। पूरे उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जनजाति, जनजाति, पिछड़े वर्ग व धार्मिक अल्पसंख्यक समाज की महिलाओं के साथ इस तरह का अत्याचार कर रहे हैं। उनके इस कृत्य से इंसानियत खत्म होती जा रही है और सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होने से दरिंदों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। न्यायपालिका सत्ताधारी के हाथों की कठपुतली बन गई है। अन्याय और अत्याचार, शोषण प्रताड़ना की इंतिहा हो गई है। इसलिए समाज ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि पीड़िता के दोषियों को तत्काल फांसी की सजा दी जाए ।
उत्तर प्रदेश में दलित समाज की बेटी के साथ हुए रेप की आग पहुंची बालोद, इस समाज ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कहा अत्याचार की इंतिहा हो गई, दोषियों को फांसी दो
