रील नही रियल स्टोरी-6 साल पहले लापता होकर पाकिस्तान पहुंच गया था यह युवक, आज हुई रिहाई, छत्तीसगढ़ के इस जिले में पहुंचा तो मना जश्न



जांजगीर । यह किसी फिल्म की कहानी नहीं है बल्कि एक असली हकीकत है। जो छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में सामने आई है। 6 साल पहले एक युवक लापता हो गया था। जो भटकते हुए पाकिस्तान की सीमा पहुंच गया था। जहां वहां के सेना ने उन्हें पकड़कर बंदी बनाया था। 6 साल बाद आज ही युवक की रिहाई हुई तो छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले के गांव में जश्न मनाया जा रहा है। जिला प्रशासन की टीम द्वारा युवक को सकुशल घर लौटा दिया गया है। पाकिस्तान से 6 साल बाद रिहा हुआ घनश्याम जाटवर सकुशल अपने घर पहुंच गया है। जांजगीर जिला प्रशासन की टीम घनश्याम जाटवर को लेकर पिहरिद पहुंची है। बता दें कि रोजी- रोजगार के लिए जम्मू कश्मीर गया पिहरीद का युवक घनश्याम जाटवर भूल से भारत की सीमा को पार कर पाकिस्तान पहुंच गया था। तब से वह पाकिस्तान की जेल में कैद था।

घर पहुंचा युवक

ऐसे हुआ था लापता
जांजगीर के मालखरौदा क्षेत्र के पिहरीद का सम्मेलाल जाटवर, अपने परिवार के साथ तकरीबन 6 साल पहले 2014 में जम्मू-कश्मीर रोजगार के लिए लिए गया था। सम्मेलाल का परिवार नवाशहर के ईंट भट्ठे में काम करता था। यहां से सम्मेलाल का 19 साल का बेटा घनश्याम जाटवर, 14 अप्रैल 2014 को कहीं लापता हो गया था।

काफी तलाशने के बाद भी युवक का कोई पता नहीं चला। इसके बाद युवक का परिवार वापस अपने गांव आ गया। दरअसल घनश्याम जाटवर भारत की सीमा को पार कर POK में पहुंच गया था। युवक को पाकिस्तानी सीमा में पकड़ा गया था। युवक के पाकिस्तान बॉर्डर पार करने की जानकारी मिलने पर उसके घरवालों ने विदेश मंत्रालय से संपर्क कर घनश्यम के रिहाई की गुहार लगाई थी।

तत्कालीन सांसद कमला पाटले ने उस समय के विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को चिट्ठी लिखकर परिजन की गुहार से अवगत कराया था। छह साल बाद युवक की रिहाई हुई है, अब वह अपने वतन पहुंच चुका है। घनश्याम जाटवर के लौटने पर पिहरीद के लोगों में जश्न का माहौल है।

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