
बालोद/ रायपुर। छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी कॉलेजों में प्राध्यापकों की पूर्ति के बदले अतिथि व्याख्याता की व्यवस्था की जाती है। लेकिन इस साल इनकी नियुक्ति अब तक नहीं हुई है। जबकि पिछले सत्र में अगस्त तक नियुक्ति हो जाती थी। अतिथि व्याख्याता बेरोजगार बैठे हैं। जिसके चलते सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है और इस नाराजगीवश अतिथि व्याख्याता भी हड़ताल पर उतर आए हैं। बालोद सहित अन्य जिले के अतिथि व्याख्याता इन दिनों रायपुर बूढ़ा तालाब के पास हड़ताल पर डटे हुए हैं। अपनी मांगों को लेकर शासन प्रशासन को ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। बता दें कि उच्च शिक्षा व्यवस्था में अतिथि व्याख्याताओं का अहम योगदान है।

कॉलेजों में आज भी प्राध्यापकों के स्थाई पद नहीं भर्ती किए गए हैं। जिनके प्रतिपूर्ति में इन अतिथि व्याख्याताओं के भरोसे ही पढ़ाई की जाती है। अगर समय पर इनकी नियुक्ति नहीं हुई तो शिक्षा सत्र और स्टूडेंट का भविष्य भी प्रभावित होता है। हड़ताल कर रहे लोगों का कहना है सभी अतिथि व्याख्याता छत्तीसगढ़ के विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों में विगत कई वर्षों से शासन की व्यावस्था अनुरूप शिक्षण कार्य करा रहे हैं, इनकी नियुक्ति हर वर्ष अगस्त माह तक हो जाती है इस वर्ष अभी तक इनकी नियुक्ति नहीं हुई है इस कारण अतिथि शिक्षक आर्थिक एवं मानसिक रूप से व्यथित एवं तनावग्रस्त है। हमारे द्वारा पूर्व में भी शासन एवं प्रशासन को आवेदन लिख कर नियुक्ति हेतु अनुग्रह किया गया है। किन्तु उस पर अब तक कोई सार्थक कार्यवाही नही किया गया है। इस परिस्थिति में हम अतिथि व्याख्याता अपनी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुचाने के लिए धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य हो गये है। इसलिए हम प्रशासन को इस तथ्य से अवगत कराते हुए कि हम अतिथि व्याख्याताओं को महाविद्यालय में अध्यापन कार्य कराने की अनुमति प्रदान करें। बता दें कि इस धरने में छ.ग. के 252 महाविद्यालय के अतिथि व्याख्याता शामिल हुए हैं, जिनकी संख्या लगभग 2500 है।
