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छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन का न्याय पाती अभियान सफलता की ओर अग्रसर- प्रांताध्यक्ष

बालोद । स्कूल शिक्षा विभाग में सहायक शिक्षक पद पर नियुक्त हुए शिक्षकों को तृतीय समयमान वेतनमान के स्थान पर तृतीय क्रमोन्नत वेतनमान का संशोधन आदेश जारी करने का प्रस्ताव, संचालक लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर के द्वारा 31/10/2020 को प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को भेजा गया है। फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी, बालोद जिला अध्यक्ष राधेश्याम साहू एवं महामंत्री सीबी साहू ने बताया कि नियाय पाती अभियान के दूसरे चरण 9 सितंबर 20 को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री एवं प्रमुख सचिव शिक्षा को दिए गए ज्ञापन के अनुसार सहायक शिक्षक पद पर नियुक्त हुए शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति से 30 वर्ष सेवा के बाद पे-बैंड ₹ 15600-39100 एवं ग्रेड-पे ₹ 5400 (लेवल-12) के वेतनमान का आदेश जारी करने का पत्र, संचालक लोक शिक्षण ने प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन को लिखा है।

उल्लेखनीय है कि संचालक लोक शिक्षण संचालनालय ने छत्तीसगढ़ के समस्त 28 जिला शिक्षा अधिकारियों से संभावित व्ययभार का आंकलन 3 अक्टूबर 20 के पत्र द्वारा मँगवाया था। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने दिया था, उसे ही प्रस्तावित किया गया है। कृपया संचालक महोदय का पत्र 31/10/2020 के प्रस्ताव को देखिये। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने 02/10/20 को संयुक्त संचालक शिक्षा संचालनालय एवं 04/10/20 को प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा को आंकलन भेजा था।

उन्होंने जानकारी दिया कि संचालनालय के द्वारा शासन को प्रेषित पत्र में प्रस्तुत किये गये आंकलन अनुसार 33000 प्रभावित शिक्षकों पर 15 करोड़ 96 लाख रुपयों का वार्षिक व्ययभार दर्शाया गया है। जिसकी गणना वेतन अंतर ₹ 300,महंगाई भत्ता ₹ 36 @ 12 % कुल ₹ 336 के आधार पर किया गया है।उन्होंने बताया कि फेडरेशन द्वारा प्रस्तुत किये गए उपरोक्त आंकड़ो पर मासिक व्यय भार ₹ 11,088,000 अथार्त 1 करोड़ 10 लाख 88 हजार एवं सालाना ₹ 133,056,000 अर्थात 13 करोड़ 30 लाख 56 हजार है।

उन्होंने बताया कि मूलवेतन में ₹ 300 का 10% ₹ 30 गृह भाड़ा भत्ता में वृद्धि से कुल मासिक ₹ 990,000 (9 लाख 90 हजार) एवं सालाना ₹ 11,880,000 (1करोड़ 18 लाख 80 हजार) अतिरिक्त व्ययभार होगा। उन्होंने बताया कि वेतन एवं भत्तों पर कुल वृद्धि ₹ 144,936,000 (14 करोड़ 49 लाख 36 हजार) अनुमानित है। उन्होंने बताया कि नाम तृतीय समयमान वेतनमान हो या तृतीय क्रमोन्नत वेतनमान, वेतन आंकलन समान ही रहेगा। लेकिन एक राज्य एक नियम के सिद्धांत एवं जन घोषणा पत्र अनुसार चार स्तरीय समयमान वेतनमान स्वीकृति का भविष्य में संभावना को देखते हुए राज्य शासन को न्यायोचित निर्णय लेना चाहिए।

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