बालोद| वनमण्डल अधिकारी आयुष जैन ने बताया कि बालोद वनमण्डल के समस्त उप वनमण्डलाधिकारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी एवं संयुक्त वन प्रबंधन समिति के सदस्यों व अग्नि प्रहरियों के द्वारा लगातार वन क्षेत्रों में भ्रमण कर वनों को आग से बचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस समय वन क्षेत्रों में महुआ का फूल लगा हुआ है, जिसे ग्रामीणांे के द्वारा एकत्रित करने के लिए वनो में घूम-घूम कर महुआ पेड़ के नीचे आग लगा दी जाती है, इसको भी ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों को विभिन्न माध्यमों से सचेत किया जा रहा है। वनो को आग एवं अन्य प्रकार के नुकसान से बचाने के लिए लोककला मंच के कलाकारों के द्वारा विभिन्न गांवों में जाकर कार्यक्रम प्रस्तुति के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। वनमण्डल अधिकारी ने बताया कि वनमण्डल के समस्त परिसरो में एक-एक अग्नि रक्षक तैनात किया गया है, जिसका काम अपने परिसर में आग लगने से रोकने के लिए लगातार निरीक्षण करते हैं। सभी परिक्षेत्र में अग्नि की दुर्घटना को रोकने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है, वहीं यदि किसी क्षेत्र में आग की घटना सामने आती है तब वन अधिकारी, सुरक्षा श्रमिको एवं समिति सदस्यों के साथ ब्लोवर मशीन के माध्यम से अग्नि को बुझाने का कार्य किया जाता है। उन्होंने बताया कि बालोद वनमण्डल में अवैध कटाई की कोई भी घटना नहीं हो रही है, इसके लिए सभी अधिकारी रात्रि में भी वन क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे हैं।
टसकर हाथी घूम रहे गुरुर इलाके में
वनमण्डल अधिकारी ने बताया कि बालोद वनमण्डल में हाथी का दो दल आया हुआ था, जिसके लिए सभी उप वनमण्डलाधिकारी एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी, सुरक्षा श्रमिको को साथ लेकर ग्रामीणों को सजग करने, ग्रामीणों को बचाने एवं हाथी को भी सुरक्षित रूप से आवागमन हेतु प्रयास किया जा रहा है। इस का परिणाम यह हुआ है कि, अभी तक वनमण्डल के अंतर्गत किसी भी प्रकार से कोई भी जनहानि, पशुहानि एवं जंगली हाथी को कोई भी नुकसान नहीं हुआ है। वर्तमान में हाथी का एक दल जो कि, लगभग 22 से 25 की संख्या में है, उनका दल धमतरी वनमण्डल में विचरण कर रहा है, जो कि गुरूर परिक्षेत्र की सीमा से लगा हुआ है और दूसरा एक टस्कर हाथी गुरूर परिक्षेत्र में ही जंगलीभेजा के पास कक्ष क्रमांक 33 आर.एफ. के आसपास विचरण कर रहा है। उन्होंने बताया कि वन विभाग के सभी अधिकारी अपनी पूरी जिम्मेदारी एवं सजगता के साथ लगातार वनों को किसी भी प्रकार से आग एवं अवैध कटाई से बचाने में सफल हो रहे हैं और जंगली हाथी का भी निगरानी समुचित रूप से किया जा रहा है।
वन सम्पदा को किसी प्रकार की कोई क्षति नही हुई
इसी तरह दल्ली में अवैध कटाई की शिकायतों पर वन मण्डल अधिकारी आयुष जैन ने बताया कि जंगल में सागौन पेड़ों की अवैध कटाई की जानकारी मिलने पर संबंधित क्षेत्र दल्लीराजहरा के वन परिक्षेत्र अधिकारी से जांच कराई गई। उन्होंने बताया कि वन परिक्षेत्र अधिकारी दल्लीराजहरा के प्रतिवेदन तथा उप वनमंडलाधिकारी दल्लीराजहरा के अभिमत के अनुसार जिले के डौण्डी तहसील के दल्लीराजहरा के वार्ड क्रमांक-01 राजहरा बाबा मंदिर स्थल बी.एस.पी. के प्रबंधन क्षेत्र में आता है, जो कि वन भूमि नहीं है। सहायक वृत्त अंतर्गत सागौन वृक्ष की कोई अवैध कटाई नहीं की गई, वन भूमि के अतिक्रमण की कोई घटना घटित नहीं हुई है। आसपास के ग्रामीणों द्वारा अपनी स्वयं के उपयोग हेतु ईंट निर्माण कार्य किया जाता हैं। भट्ठे को पकाने में आरा मशीन का भूंसा एवं निजी भूमि स्थित बबूल, करही वृक्षों का उपयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि वन सम्पदा को किसी भी प्रकार की कोई क्षति नहीं हुई है।
