जिस स्कूल में बच्चों को पढ़ाते थे सुभाष, वहीं पर उनके परिजनों ने स्मृति में बच्चों को बांटे पाठ्य सामग्री तो गेड़ी दल ने स्मृति चिन्ह किया भेंट



बालोद। मंगलवार को स्वर्गीय सुभाष सिंह बेलचंदन सहायक शिक्षक एवं संचालक वनांचल गेड़ी नृत्य दल ग्राम-चिलमगोटा,विकासखंड-डौणडी लोहारा,जिला-बालोद,छत्तीसगढ़ की स्मृति में बेलचंदन परिवार द्वारा प्राथमिक शाला चिलमगोटा मे अध्ययनरत 101 विद्यार्थियों को कापी,पेंसिल,रबर,पेन,लेखन दस्तावेज एवं कक्षा पांचवी के पूर्व अध्ययनरत 16 विद्यार्थियों को वितरण किया गया । प्राथमिक शाला चिलमगोटा को विद्यादायिनी मां सरस्वती एवं ग्राम पंचायत को छत्तीसगढ़ महतारी का फोटो प्रदान किया गया।ग्राम प्रमुख ,सरपंच ,वरिष्ठ नागरिक को गमछा एवं रसोइयों को स्कार्प भेंट किया गया ।वनांचल गेड़ी नृत्य दल के समस्त कलाकारों को साल व गमछा से सम्मान किया गया । अध्ययनरत सभी बच्चों के लिए एक समय का भोज्य पदार्थ प्रदान किया गया।
उक्त कार्यक्रम का नंद कुमार बेलचंदन पिता,लता बेलचंदन माता ,भूपेंद्र हितेंद्र बेलचंदन भैया, सरपंच ,ग्राम प्रमुख ,गणमान्य नागरिक ,शिक्षक ,रसोईया ,स्वीपर एवं वनांचल गेड़ी नृत्य के समस्त कलाकार सम्मिलित हुए।

कौन थे शिक्षक सुभाष बेलचंदन

फ़ाइल फ़ोटो

बता दें कि सुभाष बेलचंदन वनांचल में शिक्षा जगत के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति को सहेजने में अग्रणी भूमिका निभाते थे। लेकिन कोरोना की वजह से उनकी जान चली गई। जो शिक्षा जगत और संस्कृति जगत के लिए भी अपूर्णीय क्षति थी। उन्होंने वनांचल में गेड़ी दल को संरक्षित किया। आज उनके द्वारा संगठित गेड़ी दल की पूरे छत्तीसगढ़ में ख्याति है। वहीं उन्होंने स्कूल में बच्चों को भी गेड़ी नृत्य से जोड़ा। यहां के बच्चे स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ गेड़ी विधा में भी पारंगत है।

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