बालोद। प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ रायपुर के बैनर तले स्वास्थ्य मितानिन कार्यक्रम के कार्यकर्ता 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। मितानिन संघ की जिला अध्यक्ष शोभा शर्मा ने बताया कि मितानिन को कार्य के आधार पर पर्याप्त राशि नहीं मिलने के कारण आक्रोश है। प्रदेश स्तर पर निर्णय लिया गया है कि भूपेश बघेल सरकार ने 3 वर्षों के कार्यकाल के दौरान मितानिन की मांग पर ध्यान नहीं दिया। कांग्रेस ने चुनाव पूर्व अपने घोषणा पत्र में प्रत्येक मितानिन को प्रतिमाह पांच हजार की राशि देने की घोषणा की गई थी। उन्होंने बताया कि दावा पत्र के अनुसार 100% राज्ययांश दिया जाए। मितानिन स्वास्थ्य को लेकर कई कार्य कर रही है। इसका भी दावा पत्र में राशि दी जाए। स्वास्थ्य मितानिन कार्यक्रम के अंतर्गत कार्य करने वाले मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, ब्लॉक समन्वयक, स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक, हेल्प डेस्क सहयोगी की क्षतिपूर्ति राशि दोगुनी की जाए सहित मांगों को लेकर 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गई है।
6 अप्रैल को राजधानी जाएगी जिले की मितानिन
जिले के 5 विकासखंड से सभी मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, ब्लॉक समन्वयक व स्वस्थ पंचायत समन्वयक राजधानी में धरना देने 6 अप्रैल को रायपुर जाएंगे। गुंडरदेही की ब्लॉक समन्वयक सरिता निषाद ने बताया कि जिले में 25 सौ तथा प्रदेश में 80 हजार मितानिन कार्यरत है। प्रतिदिन एक जिले की मितानीने धरने पर बैठेगी। बालोद ब्लाक की ब्लॉक समन्वयक महेश्वरी साहू ने बताया कि हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य मितानिन कार्यक्रम के कार्यकर्ता कोई भी काम नहीं करेंगे। डौंडीलोहारा मितानिन संघ की अध्यक्ष अर्चना प्रजापति ने कहा कि 5 सूत्रीय मांगों को लेकर जिले की सभी मितानिन हड़ताल पर है।
