विवाद की आशंका से ग्रामसभा को दी गई पुलिस की सुरक्षा, भरदाकला में पूर्व सरपंच व कार्यवाहक सरपंच के कार्यकाल में हुई थी गड़बड़ियां, जांच में पहुंचे अफसर



पुलिस संरक्षण के साए में ग्रामपंचायत भरदा कला का ग्राम सभा आजाद चौक में हुआ संपन्न

मनरेगा अंकेक्षण टीम ने की सूक्ष्म जांच, सामने आई खामियां

बालोद। 30 मार्च बुधवार को ग्राम पंचायत भरदाकला(अर्जुन्दा) में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत ग्राम सभा का आयोजन किया गया था। जो कि पहली बार ग्राम पंचायत भवन से हटकर आजाद चौक (बाजार चौक) में रखी गई थी। जहां पर ग्राम सभा के सदस्यों के बैठने के लिए शामियाना भी लगाया गया था एवं विवादित ग्राम का तमगा प्राप्त ग्राम में किसी प्रकार की अनहोनी ना हो कह कर पुलिस फोर्स भी तैनात किया गया था। अंकेक्षण टीम के द्वारा छत्तीसगढ़ अंकेक्षण इकाई टीम को यहां की स्थिति से अवगत कराया गया था। जिसके चलते प्रदेश के अंकेक्षण इकाई के द्वारा बालोद कलेक्टर को सुरक्षा व्यवस्था के लिए निर्देश दिए गए थे। जिसके पालन में पुलिस अधीक्षक के द्वारा अर्जुंदा पुलिस को आदेश जारी किया गया था। अर्जुंदा थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू पूरे फोर्स के साथ ग्राम सभा संपन्न होने तक उपस्थित रहे। पुलिस की पहरेदारी के चलते किसी तरह की विवाद की स्थिति निर्मित नहीं हुई। पूर्व सरपंच सरिता बोरकर व कार्यवाहक सरपंच रोशनी निर्मलकर के कार्यकाल के दौरान
मनरेगा और गौठान के कार्यों में गड़बड़ी की गई है। जिसको लेकर जांच चल रही है।ज्ञात हो कि वर्तमान में जो सरपंच लक्ष्मीबाई मेरिहा है उसे लगभग 1 वर्ष पूर्व उपसरपंच एवं पंचों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से हटा दिया गया था। उस समय भी बहुत कुछ ग्रामीणों के साथ पुलिसिया अत्याचार हुआ था और चर्चा का विषय भी बना हुआ था। वही लक्ष्मीबाई पुनः हुए उपचुनाव में निर्विरोध चुनकर आ गई है ।आयोजित ग्राम सभा में लगभग 3 से 4 वर्ष के समय का ऑडिट किया गया और ऑडिट टीम को जो अनियमितता और शिकायत मिली जिसका वाचन किया गया और उपस्थित सदस्यों से अभिमत लिया गया।

ग्राम सभा अध्यक्ष बने गाजी राम

ग्राम सभा आरंभ करने से पहले उपस्थित सदस्यों के बीच से ग्राम सभा अध्यक्ष का चयन गाजी राम साहू को सर्वसम्मति से किया गया। तत्पश्चात कार्रवाई प्रारंभ की गई और अंकेक्षण टीम के द्वारा सिलसिलेवार आपत्तियां बताई गई।

यह गड़बड़ी आई सामने
गौठान में जितने का बिल दिखाया जा रहा है उससे कम मात्रा में मुरूम डाला गया है। जोकि आपत्ती योग्य है। बांध गहरी करण में ऐसे व्यक्ति का कई हफ्तों का मस्टर रोल में नाम डाल कर भुगतान दर्शाया गया है जो व्यक्ति विकलांग है एवं बिना वैशाखी के चल नहीं सकता। इसी तरह से 4 वर्ष के भीतर लगभग 90 प्रधानमंत्री आवास निर्मित हुए हैं जिसमें कई आवास हितग्राहियों को मजदूरी का पैसा नहीं मिला है।

सभी मस्टर रोल की उठी जांच की मां

उस समय के तत्कालीन रोजगार सहायक का कार्य देख रहे व्यक्ति द्वारा अन्य लोगों के नाम डाल कर पैसा निकाल लिया गया है। इस कारण से ग्रामीणों द्वारा पूरे सभी आवास के मस्टररोल जांच की मांग की गई। जिसे अंकेक्षण टीम के द्वारा स्वीकार कर संभागीय टीम से कराने का आश्वासन दिया गया।

विवादित चबूतरे का भी हुआ निरीक्षण, पूर्व जनपद सदस्य ने की है मनमानी, दिल्ली तक शिकायत

अंकेक्षण टीम के द्वारा गत वर्ष निर्माण कराए गए धान संग्रहण शह चबूतरा का भी निरीक्षण किया गया। जिसमें पाया गया कि एस्टीमेट के आधार पर रेत का बिल लगाया गया है जबकि चबूतरे में डस्ट एवं मुरम डाला गया है। जिस पर ग्राम सभा का अभिमत मांगा गया। सभी सदस्यों ने जांच कर दोषी व्यक्तियों के ऊपर कार्यवाही एवं अर्थदंड लगाने की बात की। ज्ञात हो कि यही वह चबूतरा है जिसका भुगतान सरपंच के बिना हस्ताक्षर के क्षेत्र के पूर्व जनपद सदस्य श्रीमती हीमलेश्वरी देवांगन के द्वारा करा लिया गया है। जिसकी शिकायत दिल्ली तक गई और दिल्ली से टीम भी आकर जांच की थी। कार्यवाही का अभी तक तो पता नहीं है लेकिन शिकायत करने वालों को भरोसा है कि कार्यवाही होगी। क्योंकि यह पंचायत चबूतरा निर्माण से ही विवादों के घेरे में आ गई थी। क्योंकि चबूतरा बनाने वालों ने सरपंच से बगैर पूछे अपनी पहुंच का इस्तेमाल करते हुए कार्य प्रारंभ कर दिए थे और भुगतान की बारी आई तो अपनी पहुंच का इस्तेमाल करते हुए सरपंच के बिना हस्ताक्षर के भुगतान भी करा लिए और आज वही बहिर्गाची सरपंच पुनः निर्विरोध सरपंच बन गई है और जिनके द्वारा वर्तमान में बिना किसी भेदभाव के ग्राम पंचायत के कार्यों का निर्वाहन कर रही है।

विरोधी थे नदारद, रोजगार सहायक कहने लगा सचिव के कहने पर गड़बड़ी किया

अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से सरपंच को हटाने के लिए नेतृत्व करने वाले उपसरपंच मुरारी अवस्थी ग्राम सभा में नदारद दिखे। वर्तमान पंच बृजेश सोनी जो कि पूर्व में रोजगार सहायक का कार्य देख रहा था उनसे मस्टरोल की गड़बड़ी के बारे में पूछताछ किया गया कि कैसे विकलांग व्यक्ति का नाम डाले हो तो तत्कालीन सचिव मुकेश साहू के कहने पर डाला हूं कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया ।इसी तरह आवास मस्टरोल में भी कोई जवाब नही दे सका।
किसी प्रकार की अनहोनी की आशंका के चलते पुलिस संरक्षण की व्यवस्था की गई थी अंकेक्षण टीम ने अपने विचार एवं राय दिए।

ये रहे मौजूद

आयोजित विशेष ग्राम सभा मे प्रमुख रूप से लक्ष्मी मेरिहा सरपंच नामेश्वरी बान्धव पंच पार्वती विश्वकर्मा पंच केतन देवांगन पंच धनेश्वरी साहू पंच एम आर यादव, भोपेंद्र साहू ,प्रवीण साहू गोकरण मेरिहा पूर्व सरपंच,रोहित यादव, मोहित शिवारे, निरंजन सोनी,सतीश साहू सियाराम साहू लाकेश साहू गेंदी बाई साहू, खम्मन सिंह बांधव, चेनु राम देवांगन, रंभा बाई यादव, पुनीत देवांगन चुनु राम धनकर,बलराम यादव, श्याम सुंदर साहू, खुशी राम साहू, सुशिला बाई यादव,परदेसी साहू मनभा बाई साहू,मोहन सोनी ,प्रफुल्ल देवांगन, मुनु देवांगन,दसरू साहू बृज बाई साहू,पोखन साहू शत्रुघ्न साहू महानंद साहू दुखित यादव कुमार शिवारे ऋषि साहू हरीश साहू सहित सैकड़ों ग्रामीणो ने अपनी उपस्थिति दी।

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