अंगना मा शिक्षा 2.0 का आगाज नए रूप में, देखिए क्या है इस बार खास,,,, बेस्ट मदर का मिलेगा कैसे खिताब?



बालोद। कोरोनाकाल में बच्चों की गुणवत्ता का स्तर खराब होने के कारण बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता को उचित स्तर पर ले जाने हेतु महिला शिक्षकों द्वारा एक नई पहल की शुरुआत की गई है। जिसमें घर पर रहकर माताएं घरेलू सामग्रियों के माध्यम से अपने बच्चों को शिक्षा से जोड़कर कैसे रखें ? जिससे माताओं के द्वारा अपने बच्चों की पढ़ाई के प्रति उनके स्तर को समझने और उनकी शिक्षा में मदद मिल सके ‘,यही थीम के आधार पर “”अंगना मा शिक्षा 2.0″” स्कूल रेडनेस के तहत पूरे राज्य में प्रसारित होने लगा है। पिछले वर्ष इसकी सफलता के पश्चात इस वर्ष नए रूप में आया है। अंगना मा शिक्षा 2.0, जिसमें 9 काउंटर लगाकर प्रत्येक काउंटर में विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से बच्चों और माताओं का मेला का आयोजन किया जाना है। माता + बालक + शिक्षक ‘बच्चों का सपोर्ट कार्ड में मां काउंटर की गतिविधियों का मार्किंग करके उनका आकलन करके प्रपत्र भरे जाएंगे एवं जिन गतिविधियों को बच्चा नहीं कर पाएगा ,उन्हें माताओं के द्वारा घर पर रहकर घरेलू सामग्रियों से उनको पूर्ण करने की जिम्मेदारी दी जाती है। इस प्रकार माता उन्मुखीकरण का कार्य किया जा रहा है। जिन माताओं द्वारा अपने बच्चों को घर में प्रयास किया जाएगा उनमें से एक माता को स्मार्ट माता का चयन कर उनका सम्मान किया जाएगा। एवं प्रत्येक माताओं को प्रेरित करते हुए स्मार्ट माता की मदद से अपने आसपास के माताओं को प्रेरित करने का भी कार्य किया जाएगा । जिला नोडल पुष्पा चौधरी ने बताया कि कोरोनाकाल में प्राथमिक शाला के बच्चों की पढ़ाई पर बहुत ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ा है और इसी तारतम्य में आने वाले समय में शैक्षणिक गुणवत्ता स्तर को उच्च स्तर पर ले जाने का कार्य माताओं से मदद लिया जाएगा । यह पहल बहुत ही सराहनीय साबित होगा।अंगना मा शिक्षा 2.0 में 5 वर्ष से 8 वर्ष की आयु समूह के बच्चों की माताओं को विशेष रूप से मेला में शामिल किया गया है एवं उन्हें प्रेरित करने का भी कार्य किया गया है।

चैनगंज में हुआ आयोजन

इस क्रम में विकास खंड गुंडरदेही के प्राथमिक शाला चैनगंज में विकासखंड स्तर पर सर्वप्रथम मेला सह प्रशिक्षण का आगाज किया गया।जिसमें विकास खंड के प्रत्येक संकुल से एक- एक महिला शिक्षक को मेला में शामिल किया गया एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया। पुष्पा चौधरी जिला नोडल” अंगना म शिक्षा”‘ के रूप में अपने विशेष जिम्मेदारी से पिछले वर्ष बालोद जिला का प्रतिनिधित्व कर बेहतर कार्य किया। जिससे उन्हें सराहना मिली एवं सम्मानित किया गया।
वर्तमान में “अंगना मा शिक्षा 2.0” में पुष्पा चौधरी एवं यमुना देशमुख बीआरजी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए विकास खंड स्तर पर मेला सह प्रशिक्षण का आगाज किया गया। विकासखंड गुंडरदेही के बीआरसीसी जीवन लाल देवांगन के मार्गदर्शन पर मेला सह प्रशिक्षण प्राथमिक शाला चैनगंज में हुआ। प्रधान पाठक आनंद गहैरवार , पार्ष पार्वती ठाकुर ,शाला प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष दिनेश कुमार यादव एवं वहां के पालको, माताओं व स्टाफ का पूर्ण सहयोग था। इसके पश्चात संकुल एवं शाला स्तर पर मेला के माध्यम से प्रत्येक माताओं को माता उन्मुखीकरण का कार्य किया जाएगा। जिससे वास्तव में एक नई पहल के माध्यम से बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा।जो बच्चों के भविष्य के लिए लाभप्रद साबित होगा।

गायत्री बनी बेस्ट मदर

प्राथमिक शाला चैनगंज में गायत्री यादव को बेस्ट मदर का खिताब से सम्मानित किया गया। एवं सभी लोगों ने उनका सम्मान कर बधाई प्रेषित किया। उसी क्रम में नौ माताओं को भी क्रमशः सम्मान किया गया और उनसे फीडबैक लिया गया कि वह अपने बच्चों को कैसे घरेलू सामग्री से पढ़ाएंगे,ल।सभी उपस्थित माताओं ने आश्वासन दिया कि हम जरूर प्रयास करेंगे।

डीएमसी ने की सराहना

विकासखंड स्तर का प्रशिक्षण में बालोद जिला से डीएमसी अनुराग त्रिर्वेदी विकासखंड मेला स्थल में पहुंचकर सभी काउंटरों में बच्चों की गतिविधि का आकलन किया एवं निरीक्षण किया। श्री त्रिवेदी बहुत ही प्रभावित हुए एवं सभी माताओं एवं सभी शिक्षकों को अपने-अपने शाला स्तर पर मेला का आयोजन कर एवं बच्चों की गुणवत्ता में सुधार लाने हेतु प्रयास करने के निर्देश दिए गए।

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