भीमकन्हार में एक करोड़ 36 लाख से बन रही टंकी
बालोद। भीमकन्हार ग्राम पंचायत जो डौंडीलोहारा ब्लॉक में आता है। पिछले साल गर्मी में गंभीर जल संकट को लेकर पूरे जिले भर में चर्चा में रहा। वह इसलिए क्योंकि यह ऐसा गांव था जहां के 90% हैंडपंप से पानी निकलना बंद हो चुका था। वाटर लेवल इतना डाउन हो चुका था कि घरों के निजी बोर भी जवाब दे चुके थे। पानी को लेकर हाहाकार की स्थिति मची हुई थी। उससे बड़ा दुर्भाग्य यह था कि यहां सरकार की योजनाओं का अपेक्षित लाभ भी नहीं मिल पा रहा था। ना आज तक घरों में नल कनेक्शन लगे हुए थे, ना ही पानी टंकी बना हुआ था। अस्थाई पानी टंकी की व्यवस्था तो दूर की बात है। गिनेचुने हैंडपंप व तालाब के बोर से यहां गुजारा हो रहा था। ऐसे में उस गंभीर दौर से अब यहां के ग्रामीणों के जल की समस्या हल होने वाली है। क्योंकि जल जीवन मिशन के तहत इस गांव में घर घर नल कनेक्शन लगाए जा रहे हैं तो गांव में बड़ी पानी टंकी का निर्माण कार्य किया जा रहा है। एक करोड़ 36 लाख की लागत से पानी टंकी का निर्माण कार्य जारी है। आजादी के बाद पहली बार पानी टंकी बन रही है। तो घरों में सरकार की योजनाओं से नल कनेक्शन पहुंच रहा है। इससे ग्रामीणों में जमकर खुशी है कि नया सवेरा अब जाकर उनके गांव में आएगा और पानी की समस्या दूर हो जाएगा। इस गर्मी तो जैसे तैसे ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है लेकिन आने वाले दिनों में पानी की समस्या यहां से पूरी तरह से दूर हो जाएगी। शासन की योजना से टँकी बनना शुरू हो चुका है और काम जारी है।

पानी टंकी बनने से ग्रामीणों में उत्साह
ग्रामीणों में उत्साह है कि अब उनके गांव में भी पानी की टंकी होगी। उन्हें सुबह से हैंडपंप चलाकर मेहनत कर पानी नहीं निकालना पड़ेगा। अब आगे हैंडपंप के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा। समय पर उन्हें पानी मिलेगा। मोहल्ले में हैंडपंप में कतार नही लगानी पड़ेगा। गर्मी में वाटर लेवल की समस्या कम होगी। टंकी में पानी भरा रहेगा तो 24 घंटे पानी की सुविधा मिलेगी। पहले स्थिति ऐसी थी कि पानी भरने के लिए सुबह 4 बजे से हैंडपंप में भीड़ लगती थी। लोगों को राहत नहीं मिली थी। यहां के सरपंच पोषण लाल साहू लगातार शासन प्रशासन के समक्ष गांव की समस्या को सामने लाते रहे। मीडिया के जरिए भी इस गांव की जल संकट को गहराई से शासन प्रशासन के समक्ष दिखाया गया कि कैसे यहां हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
सर्वे में सामने आई थी हकीकत
तत्कालीन पिछले वर्ष गर्मी में अधिकारियों ने सर्वे भी किया और यह जरूरत भी महसूस की कि यहां पानी टंकी और नल कनेक्शन की अहम जरूरत है। और शासन की जल जीवन मिशन योजना यहां के ग्रामीणों के लिए संजीवनी साबित हो गई। स्थानीय विधायक कुंवर सिंह निषाद सहित शासन प्रशासन से जुड़े हर व्यक्ति के सहयोग से इस गांव में जल जीवन मिशन मूर्त रूप लेने लगा है और अब यहां पानी टंकी का निर्माण कार्य चल रहा है। आने वाले महीनों में पानी टंकी पूर्ण होने के साथ घरों में सीधे नल कनेक्शन से पानी पहुंचेगा। लोगों को हैंडपंप से पानी भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए सरपंच का भी आभार जताया ।जिन्होंने अपने कार्यकाल में जहां की सबसे बड़ी समस्या पानी की समस्या को दूर कर दिखाया। यह ऐसा गांव है जहां आज तक किसी भी घर में नल कनेक्शन नहीं लगा हुआ था। कुछ एक निजी बोर वाले घरों को छोड़ दें तो सरकार की योजना के तहत नल कनेक्शन पाइप लाइन विस्तार का कार्य गांव में हुआ ही नहीं था। अब हर घर नल होगा। यह गांव जहां हैंडपंप के भरोसे था वहां अब पानी टंकी और नल से लोगों की प्यास बुझेगी। एक करोड़ 36 लाख 88 हजार से पीएचई द्वारा यहां पानी टंकी बनाई जा रही है। घरों में नल कनेक्शन देने का कार्य पूर्णता की ओर है।
सरपंच ने शासन प्रशासन और मीडिया का जताया आभार
सरपंच पोषण लाल साहू ने भी शासन-प्रशासन को इसके लिए साधुवाद दिया। जिन्होंने उनके गांव की समस्या को गंभीरता से लिया। उन्होंने मीडिया का भी आभार जताया जिनकी वजह से गांव की समस्या सामने लाई गई और अब जाकर गांव वालों को राहत मिलने वाली है। खासतौर से महिलाओं को लाभ होगा जो पहले पानी को लेकर बहुत परेशान रहती थी। अब उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा। घर में सुबह-शाम पानी आएगा।
