सामाजिक समरसता व एक जुटता ही समाज को आगे ले जाता है- कुंवर सिंह निषाद संसदीय सचिव व विधायक



साहू समाज की आराध्य देवी मां कर्मा त्याग तपस्या की मुरत है

बालोद। छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारतवर्ष में तैलीय वंश की आराध्या देवी संत शिरोमणी भक्तिन माता कर्मा का जयंती गांव से लेकर शहर तक साहू समाज बड़े जोश शोर से धूमधाम से मनाये जा रहें हैं। गांव में बाजे गाजे के साथ कलश रैली , झंड़े पताके के साथ निकाले गये जिसमें सामाजिक एकता पूर्वक गांव, परिक्षेत्रीय तहसील व जिला स्तरीय अलग अलग स्थानों पर आयोजन किए जा रहे हैं। इस क्रम में गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक व संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद ने विभिन्न गांवों मटिया (अर्जुन्दा),मोहलाई, चारभाठा,सतमरा,डुंडेरा व नवागांव में आयोजित कर्मा जयंती पर सम्मिलित हुए।
कुंवर सिंह निषाद संसदीय सचिव व विधायक गुंडरदेही ने समाज की एकता व अखंडता पर संबोधन करते कहा कि भक्त मां कर्मा तपस्या त्याग की मुरत है पाप मोचनी एकादशी के दिन झांसी के धरती पर अवतरण हुए मां कर्मा जो अपने भक्ति के शक्ति से भगवान जगन्नाथ स्वामी को मंदिर से बाहर आकर मां कर्मा के हाथों से बने खिचड़ी को खाने के लिए विवश कर दिया। जिस मां कर्मा ने अपने त्याग बलिदान से संत शिरोमणी बनी आज उसी के वंशज साहू समाज आज उनके जयंती के रूप में मना रहे हैं। हर समाज अपने आराध्य का जयंती समय समय पर मनाकर अपने सामाजिक एकजुटता व अखंडता के मजबूत करता है ।

आज का दिन को हमारे छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शासकीय अवकाश घोषित किया। जिसके परिणामस्वरूप गांव में बच्चे बुजुर्ग व शासकीय कर्मचारी एकजुट होकर आज कर्मा जयंती को त्यौहार के रुप में हर्षोल्लास के साथ मना रहे हैं। हम हर व्यक्ति अपने समाज से जुड़े हुए चाहे विधायक, सांसद, कलेक्टर एसपी डीएसपी, डाक्टर क्यो न बन जाए लेकिन हम समाज के ऊपर नहीं जा सकते हैं। हम भले ही बड़े अधिकारी नेता क्यो न बन जाये हमे समाज के रिती रिवाज को पालन करना पड़ता है। जो व्यक्ति समाज से अलग रहता है उसके लिए पुरा दूनिया व्यर्थ है। क्योंकि समाज के रिती रिवाज के बिना हम कभी भी आगे नहीं बढ़ सकते हैं। आज हम अपने संस्कार संस्कृति को भुलते जा रहें लेकिन जो हमारे संस्कार संस्कृति है जिसके कारण हम आज एक दुसरे से एक भाव एक संबंध बना हुआ हम एक दूसरे को सम्मान करते हैं क्योंकि हमारे पूर्वजों ने हमें अपने बड़ों का सम्मान करना सिखाया था। जिसे हम पालन कर रहे हैं हम अपने बोली वचन व छत्तीसगढ़िया होने पर गर्व होना चाहिए। जिस तरह दुसरे राज्यों में अपने बोली वचन पर गर्व करते हैं अपने बोली वचन पर बातचीत करते हैं। लेकिन हम लोग थोड़ा पढ़ लिख लेते हैं बड़े शहर जातें हैं तो अपने भाषा को ही भूल जाते हैं।इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राजेश बाफना महामंत्री जिला कांग्रेस कमेटी, सुचित्रा हेमंत साहू अध्यक्ष जनपद पंचायत गुंडरदेही ,चंद्रहास देवांगन अध्यक्ष नगर पंचायत अर्जुन्दा, साहू समाज के विभिन्न गांव के पदाधिकारियों सहित ग्रामीण उपस्थित थे।

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