महाशिवरात्रि मेला स्थल होगा इस बार और आकर्षक

बालोद। बालोद जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर कमरौद में अब एक और खासियत जुड़ने जा रही है। वह है यहां की काली माता की प्रतिमा। जो कि छत्तीसगढ़ में सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। वर्तमान में राजनांदगांव में स्थित पाताल भैरवी ऊंची प्रतिमा के रूप में जानी जाती है। जिनसे भी कुछ फीट ज्यादा ऊंची प्रतिमा अब कमरौद में बनाई गई है। जिसका निर्माण कार्य शनिवार को पूर्ण हो गया। प्रतिमा देखने के लिए लोगों की भीड़ अभी से जुट रही है। इस प्रतिमा की पूजा अर्चना का कार्यक्रम रविवार 27 फरवरी को सुबह 10 बजे से शुरू होगा। इस प्रतिमा का निर्माण खपरी मालीघोरी के प्रसिद्ध मूर्तिकार नेतराम कुंभकार ने किया है।

जो कि दुर्गा सहित अन्य देवी देवताओं की प्रतिमा बनाते हैं। मंदिर परिसर स्थित गार्डन के बीचो बीच इस प्रतिमा को बनाया गया है। जिसकी आकर्षक रंग रोगन किया गया है। अब छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची प्रतिमा (लगभग 17 फीट, जमीन से पूरी ऊंचाई लगभग 20 फीट) के रूप में कमरौद की काली प्रतिमा जानी जाएगी। इस प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम 28 फरवरी सोमवार को सुबह 10 बजे से होगा। जिसकी तैयारी में मंदिर समिति के सचिव केस कुमार ठाकुर सहित सदस्य पुनीत राम साहू उमेंद्र सिंह चंद्रवंशी, पुजारी दुर्गा प्रसाद पांडे व अन्य जुटे हुए हैं।

लगभग डेढ़ माह की कड़ी मेहनत के बाद यह प्रतिमा तैयार की गई है। अब इस स्थल की पहचान हनुमान मंदिर के साथ-साथ काली प्रतिमा से भी होगी। बता दें कि यहां पर विशाल शिवलिंग भी बनाए गए हैं। शिवरात्रि पर लोग हनुमान मंदिर के साथ-साथ शिवलिंग की पूजा करने, परिक्रमा करने के लिए पहुंचते हैं। इस बार शिवरात्रि महोत्सव का आयोजन भी रविवार से शुरू हो रहा है। जिसमें विविध आयोजन होंगे।

इस प्रतिमा के लोकार्पण के साथ इस स्थल की खूबसूरती और बढ़ जाएगी तो वही राहगीरों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। दानदाताओं की मदद से यहां अनेक विकास कार्य पूर्व में हुए हैं। जो आगे भी चल भी रहे हैं। आने वाले दिनों में मंदिर में गुंबज का निर्माण भी होना है। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से गुंबज निर्माण के लिए दान की अपील भी की है।

यह आयोजन होंगे
शिवरात्रि मेला महोत्सव के तहत इस बार ग्राम कमरौद तह.गुंडरदेही में त्रिदिवसीय मेला महोत्सव का आयोजन किया गया है। जिसकी तैयारियां जोरों पर है। इस वर्ष मंदिर बागवानी के मध्य में 17 फिट की विशाल विराट स्वरूप मां काली की प्रतिमा बनी हुई है। जिसका स्थापना व प्राण प्रतिष्ठा किया जाना है । प्रथम दिवस 27 फरवरी रविवार को प्रातः10 बजे से दीप प्रज्वलन व वेदी स्थापना एवं श्री महाकाली प्रतिमा अधिवास किया जाना है।

द्वितीय दिवस 28 फरवरी सोमवार प्रातः 10 बजे से श्री ओंकारेश्वर शिवलिंग पूजा अर्चना व श्री महाकाली प्रतिमा स्थापना विशिष्ट अनुष्ठान,महामृत्युंजय जाप यज्ञ एवं पुर्णाहुति होगा। सुबह 10 बजे से शाम तक सेवा जस गीत का कार्यक्रम रखा गया है। रात्रिकालिन कार्यक्रम मया के अमरइयाँ ग्राम कमरौद द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी।

तृतीय दिवस 1 मार्च मंगलवार सुबह स्नान कार्यक्रम एवं मेला महोत्सव होगा। सुबह 11बजे 2 बजे तक जय गुरुदेव सकीर्तन मंडली कुण्डेय दादर जिला गरियाबंद की प्रस्तुति दी जाएगी। दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक छतीसगढ़ी लोक संस्कृति नाच पार्टी ग्राम घीना गुंडरदेही द्वारा रात्रिकालिन कार्यक्रम मोर महतारी के अछरा कोहका भिलाई द्वारा कार्यक्रम होना है।

मेला के अंतिम दिन 1 मार्च मंगलवार को दोपहर 2 बजे महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेडिया, संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद , जिला कांग्रेस कमेटी जिला अध्यक्ष चंद्रप्रभा सुधाकर, जिला पंचायत जिला बालोद अध्यक्ष सोनादेवी व जनपद अध्यक्ष सुचित्रा साहू एवं सरपंच चमेली ख़िलानंद पटेल के आतिथ्य में मेला महोत्सव कार्यक्रम होगा।
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