समय पर मिठाइयों की जांच न कर विभाग करती है दिवाली में लोगों की सेहत से खिलवाड़, हिंद सेना ने उठाई आवाज, की है ये मांगे?



बालोद। हिंद सेना बालोद जिला के पदाधिकारियों ने कलेक्टर के नाम से ज्ञापन सौंपकर त्योहारी सीजन के पहले मिठाई दुकानों की जांच की मांग की है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ हिंद सेना के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष तरुण नाथ योगी ने कलेक्टर को दिए ज्ञापन में बालोद जिले के मिष्ठान भंडार में होने वाली अनियमितताओं के बारे में शिकायत की है। उन्होंने कहा है कि आगामी हिंदुओं का सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार दीपावली है। जिसमें विक्रय होने वाली खाद्य सामग्री व मिठाइयों की विभिन्न दुकानों के माध्यम से किया जाता है। लेकिन यहां इनका निर्माण कार्य किया जा रहा है वहां साफ सफाई नहीं रहती। मिलावट की बहुत ज्यादा शिकायत आ रही है। क्योंकि अभी कोरोना जैसी वैश्विक महामारी चल रही है ऐसे वक्त में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ और लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। जिस मिठाइयों का विक्रय किया जा रहा है उसे फूड प्वाइजनिंग की आशंका है। इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग समाज सेवी संगठन हिंद सेना कर रही है। संगठन द्वारा मांग किया गया है कि सभी दुकानों और गोदामों का सैंपल लेकर जांच की जाए। ताकि समय रहते उनकी रिपोर्ट आए और लोग सुरक्षित मिठाइयों का सेवन कर सके। बता दें कि हर साल संबंधित विभाग द्वारा दिवाली से पूर्व मिठाइयों की जांच की जाती है। सैंपल लिया जाता है लेकिन उनकी रिपोर्ट तब आती है जब दिवाली ही खत्म हो जाती है। ऐसे में फिर जांच या सैंपल लेने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। इसलिए हिंद सेना संगठन द्वारा मांग की गई है कि समय पूर्व सैंपल लेकर जांच की जाए ताकि मिठाइयों की शुद्धता प्रमाणित हो सके और लोग जो उन्हें खरीद रहे हैं वह निसंकोच खरीद सके और उनकी सेहत को भी किसी तरह का खतरा ना रहे।

मिलावट है जानलेवा, जागरूक हो प्रशासन
दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही मिलावट कारोबारी सक्रिय हो गए हैं। त्योहारी सीजन में कई मिठाई विक्रेता मिलावटी मावे से बनी मिठाइयां बेच रहे हैं। इस दौरान जिला प्रशासन के अलावा आम आदमी को भी जागरूक होने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट को कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। केवल सैंपलिंग कर जांच के लिए नमूने भेजने के अलावा कहां से मिलावटी मावा आ रहा है। कौन-कौन दुकानदार लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर इस धंधे में संलिप्त हैं। इस पर कार्रवाई करना चाहिए।

लगातार कार्रवाई की जरूरत प्रशासनिक अफसर दिखावे के लिए दीपावली के एक-दो रोज पहले कुछ चिह्नित दुकानदारों के यहां से सैंपल लेने की कार्रवाई करते हैं। बाद में मामला रफा-दफा हो जाता है। इस मिलावटी कारोबार को रोकने लिए लगातार छापामार कार्रवाई कर सैंपलिंग करने की जरूरत है। लगातार सेंपल लेने की कार्रवाई होगी तो मिलावट कारोबारियों में भय रहेगा।

मिलावट की इन्हें दें सूचना
मिलावटी मावे और अशुद्ध मिठाइयां मिलने पर इसकी शिकायत कलेक्टर सहित खाद्य अधिकारी, फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट को की जा सकती है।

खुद कर सकतें है जांच, मिठाइयों की दुकान एवं दूध डेयरियों पर मारे छापे
उपभोक्ता शुद्ध मावे की मिठाइयां ही लें, शंका होने पर मिठाइयों की खुद जांच की जा सकती है। जैसे आलू मिक्स होगा तो उसकी आयोडीन सोल्यूशन डालने पर वह पीला हो जाता है। क्रीम से निकले दूध में वनस्पति आदि मिलाकर तैयार माल को पकडऩे के लिए इसकी लैब में जांच के लिए भी निवेदन किया जा सकता है। मिठाइयों पर चांदी के वर्क का चलन है। चांदी बर्क महंगा आता है। इसलिए अधिकतर मिठाई निर्माता एल्यूमीनियम का बर्क लगाते हैं साथ ही रंगीन मिठाइयों में घातक कलर होते हैं। इस तरह की मिठाइयां लेने से बचें।

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