DAILY BALOD NEWS

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क्या आपके पास भी आ रहा है चीन से पटाखे की सप्लाई को लेकर इस तरह मैसेज, तो पढ़िए क्या है इस वायरल पोस्ट का सच

बालोद/रायपुर। लद्दाख सीमा पर हुई झड़प में भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद से भारत और चीन के बीच विवाद चल रहा है. रक्षाबंधन से लेकर अब तक हुए त्‍योहारों में कारोबारियों से लेकर आम लोगों तक ने चीनी समान का बहिष्‍कार किया. इससे चीन को तगड़ा नुकसान हुआ. वहीं, व्‍यापारियों के संगठन दिवाली में भी चीन को आर्थिक मोर्चे पर चोट पहुंचाने को तैयार हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर चीनी पटाखों को लेकर एक मैसेज वायरल हो रहा है. इसमें बताया गया है कि चीन भारत में लोगों को नुकसान पहुंचाने वाले पटाखे और सजावटी लाइट्स भेज रहा है. लोग एक दूसरे को पर्सनल और ग्रुप में इस मैसेज को भेज रहे हैं और लोगों को सावधान कर रहे हैं। हमारे पास भी कई लोगों ने इस मैसेज की सच्चाई जानने के लिए फॉरवर्ड किया। जब हमने इसकी बारीकी से जांच की और तथ्यों का पता लगाया तो यह बातें सामने आई।

आइए जानते हैं कि क्‍या है इस वायरल मैसेज का सच?

पीआईबी की पड़ताल में सामने आया व्‍हाट्सऐप मैसेज का सच

वायरल हो रहे व्‍हाट्सऐप मैसेज में गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से दावा किया जा रहा है कि चीन भारत में ऐसे पटाखे और डेकोरेटिव लाइट्स भेज रहा है, जिनसे लोगों को अस्‍थामा की बीमारी होगी. साथ ही इनसे आंखों से जुड़ी बीमारियां भी फैलेंगी. केंद्र सरकार की एजेंसी प्रेस इंफॉर्मेशन ब्‍यूरो (PIB) ने जब इस वायरल मैसेज की पड़ताल की तो पता चला कि गृह मंत्रालय की ओर से ऐसी कोई सूचना जारी नहीं की गई है. गृह मंत्रालय के किसी अधिकारी ने चीन से पटाखे और लाइट्स भेजे जाने का कोई दावा नहीं किया है।

वायरल मैसेज में बताई जा रही पाकिस्‍तान-चीन की साजिश

मैसेज में गृह मंत्रालय के सीनियर इंवेस्टिगेशन ऑफिसर विश्‍वजीत मुखर्जी के हवाले से कहा गया है कि इंटेलिजेंस के मुताबिक, चूंकि पाकिस्‍तान सीधे भारत पर हमला नहीं कर सकता, इसलिए उसने भारत से बदला लेने की चीन से मांग की है. चीन ने भारत में अस्‍थमा फैलाने के लिए पटाखों का विशेष प्रकार तैयार किया है. ये कार्बन मोनोऑक्‍साइड जैसा विषैला धुआं छोड़ेंगे. इसके अलावा भारत में नेत्र रोग बढ़ाने के लिए विशेष प्रकार की सजावटी लाइट्स बनाई जा रही हैं. इनमें बड़ी मात्रा में पारा का इस्‍तेमाल किया गया है. मैसेज में सलाह दी गई है कि इन चीनी उत्‍पादों का इस्‍तेमाल न करें.

ब्‍यूरो ने दी मैसेज को फॉरवर्ड करने से पहले जांचने की सलाह

पीआईबी का कहना है कि लोग इस तरह के फर्जी व्‍हाट्सऐप मैसेजेस से सावधान रहें और उन्‍हें आगे बढ़ाने से पहले हरसंभव स्‍तर पर परख लें. बता दें कि हर साल भारत में रक्षाबंधन से शुरू होकर दिवाली तक त्‍योहारी सीजन में घरेलू बाजार चीन से आयात किए गए उत्‍पादों से पट जाते हैं. अनुमान के मुताबिक, दिवाली पर भारत में 40,000 करोड़ रुपये मूल्‍य के उत्‍पादों का कारोबार होता है. व्‍यापारियों के संगठन कैट ने कहा है कि इस बार भारतीय कारोबारी दिवाली पर घरेलू उत्‍पाद ही बेचेंगे. इससे चीन को तगड़ा झटका दिया जाएगा।

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