
बालोद। पुलिस प्रशासन द्वारा अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में डीजीपी डीएम अवस्थी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के एसपी की आज बैठक ली। इस बैठक में डीजीपी ने बालोद जिले में कुछ दिन पहले ग्राम सिवनी में एक आरक्षक द्वारा बच्ची को सिगरेट से दागने के मामले में की गई सख्त कार्रवाई को पूरे छत्तीसगढ़ में एक उदाहरण स्वरूप बताया और डीजीपी ने कहा कि इस तरह की लापरवाही व घटनाओं में ढिलाई बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी दोषी पाए जाते हैं उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी। इस तरह डीजीपी के निर्देश के बाद बालोद जिला पुलिस छग में एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। वहीं आरक्षक अविनाश राय को बर्खास्त करने के साथ उनकी गिरफ्तारी के मामले में पुलिस की छवि को पूरे छत्तीसगढ़ में सुधारने का काम भी किया है।
बैठक में डीजीपी ने छत्तीसगढ़ में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए सभी आईजी और एसपी को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध शराब की बिक्री और परिवहन पर सख्त कार्रवाई करें. अवैध शराब मिलने पर संबंधित टीआई का निलंबन और राजपत्रित अधिकारी के विरूद्ध विभागीय जांच की जाएगी. सीमावर्ती जिलों राजनांदगांव, कर्वधा, मुंगेली शराब के अवैध परिवहन पर विशेष निगरानी रखें. सूचना मिलने पर पुलिस मुख्यालय से भी उड़नदस्ता भेजकर कार्रवाई की जाएगी. जिस जिले में अवैध शराब पर कार्रवाई हो इसकी सूचना तत्काल पुलिस मुख्यालय को दी जाये। डीजीपी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी आईजी और एसपी के साथ कानून व्यवस्था की समीक्षा की.
समीक्षा बैठक में डीजीपी ने कहा कि महिला विरूद्ध अपराधों पर सभी जिले त्वरित कार्रवाई कर रहे हैं. सूरजपुर, बस्तर, रायगढ़ और बिलासपुर जिलों ने दुष्कर्म के मामलों में बहुत ही कम समय में आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान प्रस्तुत किया है. महिला विरूद्ध अपराधों में शीघ्र चालान प्रस्तुत करने के साथ ही सबूत भी तत्काल एकत्रित करें जिससे अपराधियों को सजा दिलाई जा सके.
डीजीपी अवस्थी ने सभी एसपी से कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासनहीन और अपराधिक प्रवृत्ति के पुलिसकर्मियों की कोई जगह नहीं होनी चाहिए. छत्तीसगढ़ पुलिस अपराधिक प्रवृत्ति के पुलिसकर्मियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी. बालोद में पुलिसकर्मी द्वारा बच्ची के साथ अमानवीय व्यवहार के मामले में दुर्ग आईजी और एसपी ने तत्काल बर्खास्तगी की कार्रवाई करके उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि विभागीय जांच में जिन पुलिसकर्मियों के विरूद्ध आरोप सिद्ध हो चुके हैं उन पर आईजी और एसपी तत्काल कार्रवाई करें।
