बालोद – प्रदेश के लगभग अस्सी हजार सहायक शिक्षक एल. बी. कई वर्षों से पदोन्नति की बाट जोह रहे हैं,जिसमें से बहुत सारे वर्ष 1998 से कार्यरत हैं,उन्हें न तो क्रमोन्नति मिली न पदोन्नति । शासन पदोन्नति से लगभग पैत्तीस हजार शिक्षक एवं प्राथमिक प्रधान पाठक का पद दिनाँक 31 जनवरी 2022 तक भरने हेतु कड़े आदेश जारी की है,परंतु कुछ विघ्नसंतोषी इस पदोन्नति प्रक्रिया को स्थगित करने हेतु पिछले दरवाजे से लगे हैं, जिसका एक प्रमाण तेजी से वायरल हो रहा एक स्क्रीनशॉट है,जो छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन ग्रुप सूरजपुर का है,जिसमें सरगुजा संभाग के छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के संभाग प्रभारी निर्मल भट्टाचार्य कह रहे हैं कि ” किसी का भी प्रमोशन नहीं होगा । मामला कोर्ट में पेश होगा । इसलिए शांत रहो मस्त रहो।” क्यों कुछ शिक्षक संगठन पदाधिकारी अपने ही वर्ग का पदोन्नति नहीं होने देना चाहते ? आखिर इनकी मंशा क्या है ?
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के पदाधिकारियों का ये दोहरा चरित्र समझ से परे है। एक तरफ तो ये सर्व सहायक शिक्षकों की हित की बात करते हैं, तो वही दूसरी तरफ शायद ये स्वयं पदोन्नति हेतु पात्रता न रखने के कारण इसका विरोध करते हैं। मांग और आंदोलन सतत् प्रक्रिया है ,फिर आधे साथियों का अहित क्यों ? सहायक शिक्षकों को भी अब अपने को उपयोग नहीं होने देना चाहिए तथा ऐसे लोगों की पहचान कर सतर्क हो जाना चाहिए।
मामला कोर्ट में पेश होगा,इसलिए शांत रहो मस्त रहो,,,इस कमेंट से छग सहायक शिक्षक फेडरेशन में मचा बवाल,पढ़िए मामला?

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