
बालोद। ब्लाक के ग्राम पीपरछेड़ी के सोसाइटी में सोमवार को धान बेचने के लिए टोकन कटवाने के दौरान मची भगदड़ से करीब 17 लोग घायल हो गए थे। इस घटना ने तूल पकड़ लिया है। मामले में जिला प्रशासन व जिला सहकारी केंद्रीय बैंक प्रबंधन द्वारा इस लापरवाही के लिए वहां के प्रबंधक यशवंत साहू को निलंबित कर दिया है। तो वही इस मामले में भाजपा ने कमान संभालते हुए सरकार को घेरना शुरू किया है। घटना के दूसरे दिन ही पीपरछेड़ी सोसाइटी के सामने नारेबाजी करते हुए भाजपा किसान मोर्चा के नेतृत्व में भाजपाइयों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंक दिया।

भाजपाइयों का कहना है पीपरछेड़ी की घटना से पूरे प्रदेश के किसान आहत हुए है। दर्जनों किसानों का घायल होना ये प्रदेश सरकार की लचर व्यवस्था का प्रमाण है। मामले में जिला भाजपा किसान मोर्चा और युवा मोर्चा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते पुतला दहन किया। भाजपाईयो ने कहा भूपेश सरकार किसानों के खान खरीदी की नाकामी पर अपनी कुप्रबंधन और धान खरीदी केंद्रों में फैली अव्यवस्था के कारण किसानों को यह दिन देखना पड़ रहा। आखिर पीपरछेड़ी में हुए घटना सरकार की नाकामी का नतीजा है। सोसायटी धान केंद्रों पर अव्यवस्था बालोद जिला की ही नहीं यह समस्या पूरे प्रदेश की है और यह मुख्य रूप से इस घटना को घटित होने के पीछे का मुख्य कारण सरकार के द्वारा एक महीना विलंब से धान खरीदी प्रारंभ करना और ऊपर से बारदाना की उपलब्धता नहीं होना है। किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष तोमन साहू ने बताया पूर्व सरकार के द्वारा 1नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ किया जाता था और पर्याप्त व्यवस्था होती थी। किसान जब भी उसका फसल आता बिना किसी अफरा-तफरी और हड़बड़ी के स्वतंत्र रूप से अपने ऊपज को बेच सकता था। तीन साल में भूपेश सरकार सभी क्षेत्रों में विफल है। पीपरछेड़ी में ही नही मुख्यमंत्री का पुतलादहन और घेराव जिलाभर के सभी सोसायटी केंद्रों में किया जाएगा। किसान नेता व किसान मोर्चा के प्रदेशमंत्री पवन साहू ने कहा कोरोना काल से पूरा विश्व ग्रसित है और ऐसी स्थिति में भीड़ इकट्ठा नहीं करना है फिर भी राज्य शासन के द्वारा विलंब से धान खरीदी किए जाने से प्रत्येक सोसाइटी में अफरा-तफरी का माहौल एवं किसानों के बीच धान बेचे जाने की हड़बड़ी है। ऊपर से प्रदेश सरकार बारदाना खरीदी की अपनी जिम्मेदारी को केंद्र सरकार के ऊपर डालते हुए बारदाना की व्यवस्था ना करके किसानों के लिए बहुत बड़ी समस्या पैदा कर दी है। भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णकांत पवार ने घटना को प्रशासनिक असंवेदनशील बताते कहा यह लचर व्यवस्था का परिणाम है। जिसके चलते यह बड़ी घटना हुई है। प्रबंधक के ऊपर कार्यवाही करते जिला प्रशासन बचने का प्रयास कर रही है। भाजयुमो जिलाध्यक्ष आदित्य सिंह पीपरे ने कहा किसानों के साथ हुई घटना प्रदेश के किसानों के लिए चिंतनीय है। प्रदेश सरकार की विफलता के कारण पीपरछेड़ी जैसी घटना हुई है। भाजपा घायल किसानो को 10 लाख मुआवज़े की मांग करता है।

पुतलादहन में तोमन साहू, आदित्य पिपरे, कृतिका साहू, राकेश यादव, शरद ठाकुर, सुरेंद्र देशमुख, मनोहर सिन्हा, रिंकू शर्मा , बिरेंद्र साहू, विनोद गिरी गोस्वामी, दयानंद साहू, शशि कांत साहू, संजय साहू, एकांत पवार, संदीप साहू, पार्थ साहू, राजू कुरे, संदीप सिन्हा, धर्मेंद्र साहू, ध्रुव साहू, मनहण साहू, कौशल साहू, मनोज साहू, संजय जागड़े, धनसाय साहू, विकास साहू, सदानंद साहू, गजेंद्र यादव आदि सम्मलित रहे।
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