कांकेर/चारामा । छत्तीसगढ़ राज्य में शिक्षाकर्मियों का शिक्षा विभाग में संविलियन होने जा रहा है। मध्यप्रदेश राज्य से चली आ रही एक युग, जो कि 1998 से चली थी, शिक्षाकर्मी पद का समापन हो जायेगा। सभी शिक्षक संवर्ग के लिये हर्ष की बात है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश मीडिया प्रमुख कमलेश गावडे़ ने बताया कि सभी शिक्षकों संवर्ग (पंचायत) ने लंबे अरसे से संघर्ष करने के बाद शिक्षाकर्मी पद को खत्म करवाने में सफलता हासिल किया है। इस बरसों के संघर्षों में शिक्षक पंचायत संवर्ग को हड़ताल, निलंबन, बर्खास्तगी, जेल यात्रा के साथ साथ ही कई शिक्षक संवर्ग साथियों ने अपने प्राणों की आहूति भी दिये हैं। इतने सारे कड़े संघर्ष के बाद हमें जो सफलता मिला हैं, उसमें एक युग (शिक्षाकर्मी पद) का अंत होने जा रहा हैं। जून 2018 में तत्कालीन सरकार द्वारा 08 वर्ष की सेवा और 08 वर्ष से अधिक की सेवा पूरा करने वाले सभी शिक्षक पंचायत संवर्ग का शिक्षा विभाग में संविलियन घोषणा किया गया था। उक्त घोषणा से अधिकांश शिक्षक संवर्ग (पंचायत) को लाभ अवश्य मिला, लेकिन अनेकों पंचायत संवर्ग शिक्षक संविलियन से वंचित रह गए थे, जिनमें भारी असंतोष था। परंतु वर्तमान सरकार ने 08 साल सेवा की बाध्यता को कम करते हुए 02 साल की सेवा या इससे अधिक की सेवा पूरा करने वाले सभी शिक्षाकर्मियों साथियों का शिक्षा विभाग में संविलियन करने की बातें अपने जनघोषणा पत्र में किये थे, जो कि 01 नवंबर 2020 को पूरा हो रहा हैं।
छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ सरकार के शिक्षकों के प्रति संवेदनशील कार्यों के प्रति आभार प्रकट करती हैं। अब हमें पूर्ण विश्वास हैं कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सभी शिक्षकों (एलबी) को उनकी प्रथम नियुक्ति से सेवा की गणना करते हुए क्रमोन्नति वेतनमान, पदोन्नति, सहायक शिक्षकों के वेतन विसंगति, अनुकंपा नियुक्ति सहित पुरानी पेंशन की पुनः बहाली जैसी महत्वपूर्ण मांगों को भी जल्द पूरा करेगी।
